क्योंकि कुंभ के लिए काम जरूरी है, तो शहर के लिए सामान भी जरूरी

24 घंटे की नो इंट्री से शहर में नहीं आ पा रहा है व्यापारियों का माल

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ALLAHABAD: कुंभ मेला 2019 को लेकर शहर में चारों तरफ कराए जा रहे डेवलपमेंट वर्क में बाधा न आए. कोई हादसा न हो. शहर की ट्रैफिक व्यवस्था स्मूथ रहे. इसके लिए ट्रैफिक डिपार्टमेंट ने शहर में कॉमर्शियल वाहनों पर 24 घंटे की नो इंट्री लगा दी है. इससे व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों में आक्रोश है. व्यापारियों का कहना है कि रात में उनके वाहनों को इंट्री दी जाए.

ट्रांसपोर्ट नगर है लास्ट स्टापेज

अभी तक बम्हरौली पुलिस चौकी, ट्रांसपोर्ट नगर, लेप्रोसी चौराहा, बांगड़ धर्मशाला चौराहा, जीटी जवाहर चौराहा, अंदावा, नवाबगंज, फाफामऊ तिराहा, नवाबगंज बाईपास होते हुए सैकड़ो ट्रक आराम से शहर में आते थे. चार जुलाई से शहर के सभी प्वाइंट पर कॉमर्शियल वाहनों के लिए 24 घंटे की नो इंट्री लागू कर दी गई है. कानपुर, लखनऊ, मुंबई, वाराणसी, महाराष्ट्र के साथ ही मध्य प्रदेश से आने वाले सभी कॉमर्शियल वाहन हाईवे होते हुए अब ट्रांसपोर्ट नगर तक ले जाने की छूट है.

व्यापारी आखिर कैसे मंगाए सामान

ट्रैफिक डिपार्टमेंट के फरमान से शहर के व्यापारी परेशान हैं. क्योंकि ट्रंासपोर्ट नगर से छोटी गाडि़यों में माल लाना आसान नहीं है. इससे एक तरफ जहां समय अधिक लग रहा है, वहीं डीजल का खर्च भी अधिक हो रहा है.

क्या कहते हैं व्यापारी और ट्रांसपोर्टर.

ट्रांसपोर्टनगर में ही सामान उतारने की बाध्यता से डीजल खर्च बढ़ गया है. यही नहीं इसमें समय भी काफी अधिक लग रहा है. ऐसे में नुकसान ही नुकसान हो रहा है. एडमिनिस्ट्रेशन ऐसी व्यवस्था करे कि सभी का काम आसान हो जाए.

अनिल कुशवाहा

अध्यक्ष, इलाहाबाद ट्रक एंड गुडस ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन

24 घंटे की नो इंट्री से शहर में आने वाले गल्ला, तिलहन के साथ ही अन्य सामानों की आवक बंद हो जाएगी. इससे राजस्व के साथ ही लोगों की जिंदगी पर भी असर पड़ेगा. इसलिए रात में दस से छह बजे तक की इंट्री को लागू रहने दिया जाए.

सतीश केसरवानी

अध्यक्ष, इलाहाबाद गल्ला एवं तिलहन संघ

ट्रैफिक डिपार्टमेंट व्यापारियों को विश्वास में लेकर ऐसी व्यवस्था करे, जिससे शहर की ट्रैफिक व्यवस्था और काम बाधित न हो और व्यापारियों का सामान भी शहर में आ जाए. नहीं तो राजस्व की क्षति के साथ ही शहर की व्यवस्था भी प्रभावित होगी.

संतोष पनामा

संयोजक, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार कल्याण समिति

24 घंटे की नो इंट्री का आदेश शहर के व्यापारियों पर भारी पड़ रहा है. पहले तो ट्रांसपोर्टनगर तक ट्रक जाने में समय और डीजल दोनों अधिक खर्च हो रहा है. वहीं छोटे वाहन का इंतजाम कर ट्रांसपोर्टनगर से शहर में माल लाना महंगा पड़ रहा है.

अजय गुप्ता

डिस्ट्रीब्यूटर पारले

नो इंट्री के आदेश से व्यापार इफेक्टेड हुआ है. काम हेल्डअप हो गया है. बिल करके इनवाइस तैयार है, लेकिन सामान शहर से बाहर भेजें तो भेजें कैसे. भाड़ा बढ़ गया है. वहीं एक दिन का काम अब तीन दिन में हो रहा है.

अजय अग्रवाल

बॉक्स

नो इंट्री का मकसद, बल्क में आने वाले ट्रकों पर रोक लगाना है

24 घंटे की नो इंट्री के आदेश के पीछे एसपी ट्रैफिक कुलदीप सिंह का अपना अलग ही तर्क है. सोमवार को बातचीत के दौरान उन्होंने क्या कहा, आप भी जानें..

24 घंटे की नो इंट्री क्यों?

एसपी ट्रैफिक : 24 घंटे की नो इंट्री केवल इसलिए लगाई गई है, ताकि कुंभ मेला के लिए चल रहे काम जल्द से जल्द बिना किसी बाधा के गुणवत्ता के साथ पूरे हो जाएं. कोई हादसा न हो, क्योंकि कॉमर्शियल वाहनों के आने से शहर में जाम लग जाता है.

शहर में कैसे आएगा जरूरी सामान?

एसपी ट्रैफिक : शहर के व्यापारियों का सामान लेकर आने वाले ट्रकों की संख्या अधिकतम 100 के करीब है, जबकि टोल टैक्स बचाने के चक्कर में शहर में इंट्री करने वाले बल्क ट्रकों की संख्या काफी अधिक है. यही जाम के मुख्य कारण भी हैं.

व्यापारियों के लिए कोई विशेष सुविधा?

हां बिल्कुल है, शहर में जरूरत के सामान पहुंचने में दिक्कत न हो, इसलिए व्यापारियों के लिए पास की व्यवस्था की गई है. कागजात के आधार पर व्यापारी लोडिंग व अनलोडिंग के लिए आसानी से वाहन पास बनवा सकते हैं. शहर की व्यवस्था न बिगड़े, इसलिए व्यापारियों को सहयोग करना चाहिए.