- नियामक आयोग में डिस्कॉमों द्वारा प्रस्तुत किया गया स्मार्ट मीटरिंग रोल आउट प्लान

- वाराणसी के गंगापुर टाउन से स्मार्ट एनर्जी मीटर की स्थापना का कार्य शुरू

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LUCKNOW: आखिरकार प्रदेश में स्मार्ट बिजली मीटरों की स्थापना का कार्य शुरू हो गया है. इसी कड़ी में नियामक आयोग में डिस्कॉमों द्वारा स्मार्ट मीटरिंग रोल आउट प्लान प्रस्तुत किया गया है. वहीं वाराणसी के गंगापुर टाउन से स्मार्ट एनर्जी मीटर की स्थापना का कार्य शुरू कर दिया गया है. खास बात यह है कि स्मार्ट बिजली मीटर लगने के बाद किसी भी उपभोक्ता को मीटर रीडर के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा. हर महीने ऑनलाइन रीडिंग के आधार पर उपभोक्ता को एक्यूरेट रीडिंग मिल सकेगी.

लगने हैं 40 लाख स्मार्ट मीटर

पूरे प्रदेश में करीब 40 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जाने हैं. इन मीटरों के लग जाने के बाद बिजली आपूर्ति एवं वसूली के वर्तमान स्वरूप में बदलाव आने के साथ ही उपभोक्ता के मीटर की रीडिंग, विद्युत ब्रेकडाउन का समय अंतराल एवं वॉल्टेज प्रोफाइल बिना मानवीय हस्तक्षेप के ऑनलाइन प्राप्त हो सकेगा. इससे उपभोक्ताओं को बिना किसी मीटर रीडर के हस्तक्षेप के प्रत्येक माह सही मीटर रीडिंग का बिल प्राप्त हो सकेगा. उपभोक्ता द्वारा खपत का सही आंकलन करते हुए विद्युत ऊर्जा संरक्षण (बचत) द्वारा अपने विद्युत व्यय को कम किया जा सकेगा.

रोल आउट प्लान पेश किया

उप्र पावर कारपोरेशन की 40 लाख स्मार्ट मीटरिंग परियोजना के तहत प्रदेश के समस्त डिस्कॉम द्वारा उप्र नियामक आयोग में स्मार्ट मीटरिंग प्रोजेक्ट का रोल आउट प्लान प्रस्तुत किया. वर्तमान में मेसर्स जीनस मेक के मीटर जिनकी गुणवत्ता की जांच (टाइप टेस्ट) मेसर्स इरेडा, बड़ोदरा (एनएबीएल प्रमाणित लैब) क्षरा आईएस 16444 के तहत की गयी है. इन मीटरों को बीआईएस द्वारा जांच के उपरान्त प्रमाणपत्र दिया जा चुका है. आईएस के मानक के अनुरूप मीटरों की प्रत्येक लॉट का ईईएसएल एवं डिस्कॉम की संयुक्त टीम द्वारा थर्ड पार्टी के साथ सैम्पल टेस्टिंग निर्माता के स्थल पर भी की जा रही है.

मध्यांचल में लगेंगे 9.04 लाख मीटर

इस योजना के तहत पूर्वाचल विद्युत वितरण निगम लि. के 10 शहरों वाराणसी (जिला), गोरखपुर, इलाहाबाद, मऊनाथ भंजन, फतेहपुर, आजमगढ़, मिर्जापुर, मुगलसराय एवं जौनपुर में 11.47 लाख स्मार्ट मीटर, मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लि के 12 शहरों लखनऊ, बरेली, फैजाबाद, शाहजहांपुर, बाराबंकी, रायबरेली, लखीमपुर, बहराइच, गोंडा, सुल्तानपुर, हरदोई, एवं उन्नाव में 9.04 लाख स्मार्ट मीटर, दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लि. के 9 शहरों मथुरा, अलीगढ, झांसी, मैनपुरी, फिरोजाबाद, वृन्दावन, इटावा, फर्रूखाबाद एवं उरई में 6.29 लाख स्मार्ट मीटर, पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लि. के 15 शहरों मेरठ, सहारनपुर, मुरादाबाद, हापुड़, लोनी, बुलंदशहर, सिकंदराबाद, रामपुर, मुज्जफरनगर, मोदीनगर, मुरादनगर, खुर्जा, अमरोहा, सम्भल, एवं गजरौला में 11.63 लाख स्मार्ट मीटर तथा केस्को कानपुर में 1.57 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे. यह कार्य वित्तीय वर्ष जुलाई 2018 से प्रारंभ कर मार्च 2021 तक पूर्ण किया जाएगा.

ईईएसएल के माध्यम से शरुआत प्रमुख सचिव ऊर्जा एवं उप्र पावर कारपोरेशन अध्यक्ष आलोक कुमार ने बताया कि यह परियोजना भारत सरकार की संस्था मेसर्स ईईएसएल के माध्यम से शुरुआत की जा रही है. उपरोक्त परियोजना का डिस्कॉम द्वारा भुगतान ओपेक्स आधारित है एवं ईईएसएल द्वारा किये गये व्यय को डिस्कॉम द्वारा पूर्ण पारदर्शिता के साथ कॉस्ट प्लस आधार पर वास्तविक आंकलित व्यय को ओपेक्स में परिवर्तित करते हुए मासिक स्मार्ट मीटरों के परिचालन के आधार पर दिया जाएगा. उक्त व्यवस्था से कारपोरेशन को स्मार्ट मीटरिंग परियोजना से लाइन हानियों को कम होने पर लगभग 4 हजार करोड़ का लाभ होगा. इस योजना का शुभारंभ वाराणसी जनपद के गंगापुर टाउन (आईपीडीएस) से किया जा चुका है. गंगापुर टाउन में लगभग 1500 उपभोक्ताओं में से लगभग 450 उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर की स्थापना की जा चुकी है.