-काशी विद्यापीठ में हॉस्टल के लिए इंतजार कर रहे हैं स्टूडेंट्स

-मरम्मत कार्य कराने का हवाला देकर नहीं किया जा रहा एलॉट

-हॉस्टल न मिलने से छात्र बाहर रूम लेकर पढ़ने को हैं विवश

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ यूनिवर्सिटी में एडमिशन प्रॉसेस पूरा हो चुका है. सभी विभागों में क्लासेज भी स्टार्ट हो गई हैं, दूर दराज के रहने वाले स्टूडेंट्स रेग्यूलर क्लास भी करना शुरू कर दिए हैं. मगर अभी तक किसी भी स्टूडेंट को हॉस्टल का एलॉटमेंट नहीं हुआ है. ऐसे में बिहार, एमपी, गाजीपुर-बलिया आदि जिलों के स्टूडेंट्स बाहर रूम लेकर पढ़ाई पूरी कर रहे हैं. महंगे दर पर रूम लेकर पढ़ाई करने में उनकी जेब भी कट रही है. ऐसे में हॉस्टल एलॉटमेंट कराने के लिए स्टूडेंट्स आए दिन वीसी ऑफिस पहुंचकर दबाव बना रहे हैं लेकिन हॉस्टल में मरम्मत कार्य का हवाला देकर उन्हें शांत करा दिया जा रहा है.

जून-जुलाई तक नहीं हो पाया काम

चार सौ स्टूडेंट्स की क्षमता वाले एनडी हॉस्टल को जून माह में ही खाली करा लिया गया था. छात्रों का आरोप है कि जून-जुलाई तक हॉस्टल खाली रहा लेकिन तब तक विवि प्रशासन ने काम नहीं कराया. अब जब छात्रों की क्लासेज शुरू हो गयी हैं तो प्रशासन तर्क दे रहा है कि उसमें अभी रिपेयरिंग व‌र्क्स चल रहा है. छत, दरवाजा, फर्श, लाइटिंग सहित मेस आदि का मरम्मत कार्य हो रहा है.

कर रहे विरोध प्रदर्शन

छात्रसंघ चुनाव की तैयारियों में लगे नेताओं ने भी हॉस्टल एलॉटमेंट के लिए आवाज बुलंद की है. छात्र हितों की लड़ाई लड़ने वाले छात्र नेता आए दिन पंत प्रशासनिक चौराहे पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. डेली हंगामा किये जाने की खबरें आ रही हैं.

बातचीत--

अब तक हॉस्टल का एलॉटमेंट हो जाता था मगर इस साल अभी तक छात्रों को हॉस्टल एलॉट नहीं हुआ है.

अनुराग पांडेय, स्टूडेंट

क्लास शुरू हो गई है. हॉस्टल एलॉट न होने से दूर दराज से आने वाले स्टूडेंट्स बाहर रूम लेकर पढ़ाई करने को विवश हैं. विवि प्रशासन को पहले इस पर सोचना चाहिए.

सोनू शुक्ला, स्टूडेंट

वीसी से वार्ता हुई तो उन्होंने दस दिनों के अंदर हॉस्टल एलॉट कराने का भरोसा दिलाया है. बहरहाल, स्टूडेंट्स को परेशानी तो हो ही रही है.

अंशु कुमार मिश्रा, स्टूडेंट

हॉस्टल नहीं मिलने के कारण बाहर पांच हजार रुपये में किराए पर रूम लेकर ठहरा हूं. क्योंकि डेली क्लास चल रही है.

सूरज सिंह, स्टूडेंट