जगतपुर पीजी कॉलेज सेंटर पर फर्जी एडमिट कार्ड से दे रही थी परीक्षा

विद्यापीठ के मानविकी संकाय में लॉ स्टूडेंट्स के पास मिला मोबाइल

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के बीबीए चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षा में जगतपुर पीजी कालेज सेंटर से शुक्रवार को एक फर्जी परीक्षार्थी पकड़ा गया। उधर, मोबाइल को लेकर कैंपस विद्यापीठ के मानविकी संकाय में एलएलबी फोर्थ सेमेस्टर के परीक्षार्थियों व शिक्षकों में जमकर नोकझोक हुई। आरोप लगा कि मोबाइल लेकर आने से रोका गया तो छात्रनेताओं ने शिक्षकों से अभद्र व्यवहार किया। मामला इतना बिगड़ा कि शिक्षक नाराज होकर रुम के बाहर बैठ गए। चीफ प्रॉक्टर ने किसी तरह स्थिति संभाली।

फर्जी छात्रा दे चुकी थी फ‌र्स्ट पेपर

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के बीबीए चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षा में जगतपुर पीजी कालेज सेंटर से पकड़ी गई छात्रा ने परीक्षा फार्म नहीं भरा था। इसके बावजूद सेकेंड शिफ्ट में फर्जी तरीके से बीबीए तृतीय प्रश्न पत्र की परीक्षा दे रही थी। शंका होने पर प्रवेश पत्र का मिलान किया गया तो वह फर्जी निकला। छात्रा होने के कारण केंद्राध्यक्ष ने चेतावनी देकर छोड़ दिया। इससे पहले यह परीक्षार्थी प्रथम प्रश्नपत्र की परीक्षा देने में सफल रही थी। हालांकि परीक्षार्थियों की लिस्ट में छात्रा का नाम न होने के कारण केंद्र ने पहले ही दिन विद्यापीठ को अवगत करा दिया था। विद्यापीठ प्रशासन ने पड़ताल की तो पता चला कि वह संबद्ध कालेज धीरेंद्र महिला पीजी कालेज की छात्रा है। धीरेंद्र महिला पीजी कालेज ने छात्रा द्वारा परीक्षा फार्म न भरने की पुष्टि की। कहा कि फीस न जमा होने के कारण छात्रा का आवेदन ही अप्रूव्ड नहीं किया गया। इस बीच परीक्षार्थी ने द्वितीय प्रश्नपत्र की परीक्षा छोड़ दी। तीसरे प्रश्नपत्र की परीक्षा देने पहुंची तो पकड़ ली गई।

मोबाइल लेकर परीक्षा में बैठे छात्र

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के लॉ फोर्थ सेमेस्टर के परीक्षार्थी शुक्रवार को सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए मोबाइल लेकर एग्जाम रूम नंबर 19 में बैठे। पूर्व महामंत्री सहित आधा दर्जन छात्रों के पास मोबाइल की जानकारी कक्ष निरीक्षक को हुई तो वे विरोध करने लगे। इस पर छात्रों ने कक्ष निरीक्षकों से दु‌र्व्यवहार करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। करीब दस से पंद्रह मिनट तक छात्रों से नोकझोंक चलती रही। केंद्राध्यक्ष प्रो। एमएम वर्मा ने इसकी सूचना प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्यों को दी। प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्यों ने परीक्षार्थियों से मोबाइल फोन जमा करवाया। इसके बाद परीक्षा शुरू हुई। वहीं कुलपति प्रो। टीएन सिंह के अलावा सचल दस्ता करीब आधा घंटा तक मानविकी संकाय में जमा रहा। परीक्षा सुचारू रूप से शुरू होने के बाद सचल दस्ता दूसरे केंद्रों पर रवाना हुआ।