छ्वन्रूस्॥श्वष्ठक्कक्त्र: महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल की सूरत 41 करोड़ छह लाख 33 हजार 750 रुपये से निखर जाएगी। मंत्री सरयू राय के आप्त सचिव कुमार मनीष ने स्वास्थ्य सचिव डॉ। नीतिन मदन कुलकर्णी को यह प्रस्ताव भेजा है। इसमें बताया गया है कि एमजीएम में विशेष निर्माण की परियोजनाएं कार्यपालक अभियंता, भवन निर्माण विभाग द्वारा अनुमानित प्राक्कलन सहित प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान करने के लिए स्वास्थ्य विभाग के समक्ष प्रेक्षित है जो अभी तक लंबित है। इसपर शीघ्र कार्रवाई करने की मांग की गई है।

कहां कितना होगा खर्च

- डॉक्टर हॉस्टल नंबर 1 : पानी के कार्य पर कुल 38 लाख 91 हजार 400 रुपये खर्च किए जाएंगे।

- डॉक्टर हॉस्टल नंबर 2 : पानी के कार्य के लिए 49 लाख 42 हजार 350 रुपये खर्च होगा।

- एमजीएम कॉलेज के मुख्य भवन : 83 लाख रुपये से मरम्मतीकरण का कार्य होगा।

- एएनएम हॉस्टल : एमजीएम अस्पताल में स्थापित एएनएम हॉस्टल पर कुल 60 लाख रुपये खर्च होगा।

- प्रशासनिक भवन : भवन मरम्मतीकरण में 55 लाख रुपये खर्च होंगे।

- डॉक्टर्स क्वार्टर : डॉक्टर्स क्वार्टर पर कुल 30 लाख रुपये खर्च किया जाएगा।

- स्टाफ क्वार्टर : स्टाफ क्वार्टर पर कुल एक करोड़ रुपये खर्च किया जाएगा।

तो ठप होगा सेंट्रल रजिस्ट्रेशन सिस्टम ठप

एमजीएम मेडिकल कॉलेज व हॉस्पिटल में कंप्यूटर ऑपरेटरों की नियुक्ति नहीं होगी। ऐसा स्वास्थ्य विभाग द्वारा एमजीएम प्रबंधन को भेजे गए पत्र में कहा गया है। अगर ऐसा सचमुच हुआ तो एमजीएम के सेंट्रल रजिस्ट्रेशन सिस्टम ठप हो जाएगा। अस्पताल प्रबंधन ने कम से कम 50 कंप्यूटर ऑपरेटरों की जरूरत बतायी थी लेकिन विभाग ने पूरा पद ही खत्म कर दिया है। इससे पूर्व भी विभाग ने कई पदों को खत्म कर दिया था जिससे अस्पताल की व्यवस्था चरमरा गई। मंत्री सरयू राय ने इसे गंभीरता से लेते हुए पहल की और स्वास्थ्य मंत्री, स्वास्थ्य सचिव से बातचीत कर कर्मचारियों की संख्या बढ़ाया लेकिन इसमें भी कई त्रुटियां सामने आ रही है। एमजीएम अस्पताल के विभिन्न विभागों में कुल मिलाकर आउटसोर्स कर्मचारियों की संख्या 331 करने व स्टाफ नर्सो की संख्या 286 करने की अनुमति विभाग ने दी है। इस तरह कुल मिलाकर 617 आउटसोर्स कर्मचारियों को रखने का निर्देश दिया गया है। वहीं अस्पताल में जितने वाहन है उसके अनुरूप ही चालक रखने का निर्देश दिया गया है। स्थायी चालकों को जोड़ते हुए जितने चालक कम होंगे उनके स्थान पर चालकों की बहाली हो सकता है। एमसीआइ के मापदंड से अधिक एंबुलेंस चालकों को नहीं रखा जा सकता है।