छ्वन्रूस्॥श्वष्ठक्कक्त्र : सोमवार को शहर के दो स्कूलों काशीडीह स्थित आर्य वैदिक मध्यम विद्यालय व साकची स्थित गुजराती मध्य विद्यालय में मध्याह्न भोजन में छिपकली गिरने की बात सामने आई. इस भोजन को खाकर करीब 20 बच्चे बीमार पड़ गए. इसके बाद सभी को आनन-फानन में इलाज के लिए महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया. इसमें छह की स्थिति गंभीर बनी हुई हैं.

मछली समझ खाई छिपकली

काशीडीह स्थित आर्य वैदिक मध्यम विद्यालय में टिफिन के दौरान दीपक नामक छात्र के भोजन में छिपकली गिरी हुई थी. छात्र ने उस छिपकली को मछली समझकर खाने वाला था तभी उसके दोस्तों ने पूछा लिया कि तुम्हारे थाली में यह क्या है? उसने जैसे ही कहा 'मछली' तो यह खड़ी माता समिति के सदस्य ने सुन ली. उसने तत्काल उस छात्र के थाली से छिपकली को हटाया और दूसरे छात्रों को भी टिफिन खाने से मना कर दिया. तबतक छात्र-छात्राओं की उल्टी व पेट दर्द शुरू हो चुकी थी. यहां करीब 17 बच्चों की तबीयत दोपहर करीब डेढ़ बच्चे बिगड़ गई. इसके बाद बच्चों को एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया.

पेट दर्द व उल्टी की शिकायत

साकची स्थित गुजराती मध्य विद्यालय में भी मिड डे मिल के शिकार आधा दर्जन छात्राएं हुई. इसमें तीन की तबीयत अधिक बिगड़ने पर उसे एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया. सबके पेट में दर्द व उल्टी हो रहीं थी. दुर्गा के पेट में तेज दर्द हो रहा था. उसने बताया कि स्कूल में टिफिन के वक्त चावल-सब्जी खाने के लिए मिला था. उसके खाने के बाद से ही पेट दर्द शुरू हो गया. स्कूल छुट्टी होने के बाद यह दर्द तेज हो गया जिससे वह रोने लगी.

स्कूलों में इस्कॉन करता हैं खाने की सप्लाई

आर्य वैदिक मध्य विद्यालय, साकची गुजराती मिडिल स्कूल सहित शहर के सभी सरकारी स्कूलों में इस्कॉन द्वारा मिड डे मील की सप्लाई की जाती है. आर्य वैदिक मध्य विद्यालय में इस्कॉन सुबह 10 बजे भोजन की सप्लाई किया था.

नहीं मौजूद थे सीनियर डॉक्टर, हंगामा

तबीयत खराब होने के बाद ये बच्चे जब अस्पताल पहुंचे तो उस वक्त शिशु रोग विभाग के इमरजेंसी में सिर्फ दो जूनियर डॉक्टर मौजूद थे. एक भी सीनियर डॉक्टर मौजूद नहीं होने के कारण पीडि़त के अभिभावकों ने डॉक्टरों पर कामचोरी व लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया. अभिभावकों का बढ़ते आक्रोश को देखते हुए होमगार्ड के जवानों ने मोर्चा संभाला और मामले को शांत कराया.