खाते में मिनिमम बैलेंस को लेकर सख्त हुए बैंक, शुरू की वसूली, घाटे से बचने को उठा रहे कदम

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ALLAHABAD: बैंक अब पूरी तरह से व्यावसायिक हो गए हैं. उन्हें अब इससे नहीं मतलब आपकी परिस्थितियां क्या हैं. आपने यदि बैंक में निर्धारित से कम एकाउंट रखा तो बैंक जो राशि बची है उसे भी हड़प लेंगे. पिछले वित्तीय वर्ष में केवल देश ही नही बल्कि जिले में भी बैंकों ने पेनाल्टी के रूप में करोड़ों रुपए वसूले थे.

50 करोड़ रुपए की पेनाल्टी

पिछले वित्तीय वर्ष में इलाहाबाद रीजन में 50 करोड के आसपास धनराशि बैंकों ने मिनिमम बैलेंस न रखने पर ग्राहकों से वसूली थी. जिन ग्राहकों के एकाउंट में मिनिमम से कम बैलेंस रहा उन पर आर्थिक दंड लगाया गया. एसबीआई सहित दो दर्जन बैंक इस मामले में शीर्ष पर रहे. माना जा रहा है कि बैंक अपना घाटा पूरा करने के लिए इस साल भी मिनिमम बैलेंस न होने पर पेनाल्टी लगा सकते हैं.

इससे कम बैलेंस, तो दिक्कत

- एक अक्टूबर 2017 से एसबीआई ने खाते में मिनिमम बैलेंस की सीमा बढ़ाकर 5000 किया

- इसी तर्ज पर प्राइवेट बैंकों ने भी मिनिमम बैलेंस की सीमा निर्धारित की

- ग्राहकों के विरोध के बाद एसबीआई ने सीमा घटाकर मेट्रो शहर में 3000 की, अन्य शहरों में 2000 और ग्रामीण एरिया में 1000 किया

- खाते में इससे कम बैलेंस होने पर पेनाल्टी वसूलने का प्राविधान है

- यह नियम केवल बचत बैंक खाते के लिए है

प्रत्येक बैंक की अलग-अलग पॉलिसी है. वे उसी के हिसाब से मिनिमम बैलेंस की पेनाल्टी वसूलते हैं. लोगों को जागरुक हो जाना चाहिए. खाते में मिनिमम बैलेंस होना जरूरी है. बैंक इस बारे में समय समय पर जानकारी भी उपलब्ध कराते हैं.

केएस गुप्ता,

एलडीएम, बीओबी

3000

से कम यदि एसबीआई के मेट्रो सिटी के खाते में राशि है तो 10 से 15 रुपये का जुर्माना और जीएसटी लगेगी

2000 रुपए से कम यदि एसबीआई की शहरी शाखा के खाते में राशि है तो 7.5 से 12 रुपए फाइन और जीएसटी लगेगी

1000 रुपए से कम यदि एसबीआई की ग्रामीण शाखा के खाते में राशि है तो 5 से 10 रुपये तक का फाइन और जीएसटी देना होगा