-वर्तमान उपाध्यक्ष व साथियों पर पूर्व अध्यक्ष ने लगाया धक्का-मुक्की का आरोप

- देर शाम तक समझौते के लिए वार्ता का चला दौर, नहीं बनी बात

क्चन्क्त्रश्वढ्ढरुरुङ्घ

:

आरयू मिनिस्टिरियल स्टाफ एसोसिएशन की आम सभा में ट्यूजडे को हंगामा हो गया. मुद्दे उठाने को लेकर कर्मचारी आपस में ही भिड़ गए. मंच पर बैठे वित्त अधिकारी, डिप्टी रजिस्ट्रार मूकदर्शक बने रहे. मामला इतना बढ़ गया कि पुलिस बुलानी पड़ी. भूतपूर्व अध्यक्ष सुनील यादव ने वर्तमान उपाध्यक्ष रामप्रीत पर साथियों के साथ मिलकर मारपीट का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है. इसके बाद देर शाम तक दोनों पक्षों में समझौते के लिए वार्ता का दौर चला, लेकिन बात नहीं बन सकी. इसके बाद देर शाम रामप्रीत ने भी पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की. वहीं, समझौते का प्रयास देख पुलिस ने फिलहाल कार्रवाई नहीं की है.

मारपीट का आरोप, धक्का मुक्की की तहरीर

आरयू मिनिस्टिरियल स्टाफ एसोसिएशन कर्मचारियों ने विभिन्न मांगों के संबंध में आम सभा बुलाई थी. इसमें रजिस्ट्रार अशोक कुमार अरविन्द, वित्त अधिकारी, परीक्षा नियंत्रक महेश कुमार को भी बुलाया गया. आरोप हैं, पेंशन के लिए अंशदान कटौती का जैसे ही भूतपूर्व अध्यक्ष सुनील यादव ने मामला उठाया तो वर्तमान कार्यकारिणी को यह नागवार लगा, जिसके चलते वर्तमान उपाध्यक्ष रामप्रीत ने सुनील यादव को धमका कर चुप कराने का प्रयास किया. जब सुनील ने इसका विरोध किया तो दोनों ओर से तनातनी बढ़ गई. आपस में धक्का-मुक्की होने लगी. आरोप है, रामप्रीत व उनके साथी गाली गलौज तथा मारपीट करने लगे, जिसके चलते सभा में हंगामा हो गया और बीच में ही सभा भंग करनी पड़ी. वहीं, मंच पर बैठे विश्वविद्यालय प्रशासन के अधिकारी हंगामा होता देख चुपचाप खिसकने लगे. इसी बीच सूचना पाकर बारादरी से पुलिस मौके पर पहुंची. सुनील यादव ने पुलिस को नामजद तहरीर देकर गिरफ्तारी की मांग की. वहीं दूसरे पक्ष के रामप्रीत ने भी देर शाम थाना में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है.

परेशान होकर बुलाई बैठक

मिनिस्टिरियल स्टाफ एसोसिएशन प्रबंधन समिति की बैठक 16 मार्च को होनी है जिसको लेकर कर्मचारी अपनी लंबित मांगों को पूरा करने के लिए अफसरों से दबाव बना रहे थे. आरयू प्रशासन कर्मचारियों की मांगों को दीक्षांत समारोह और स्थापना दिवस के नाम पर अब तक टालता रहा. दीक्षांत समारोह और स्थापना दिवस का आयोजन होने के बाद भी आरयू प्रशासन ने कर्मचारियों की मांगों की सुध नहीं ली. इससे परेशान होकर अचानक कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर बैठक बुलाई थी.

इन मांगों पर होनी थी चर्चा

-मार्कशीट चेकिंग का पारिश्रमिक तीन गुना करने की मांग कर रहे थे, जिस पर वीसी ने इसे दोगुना कर दिया था. तीन गुना करने का दिया था आश्वासन.

-हाउस लोन को 5 लाख से बढ़ाकर 10 लाख किया जाए, जिसे वीसी ने मान लिया.

-व्हीकल लोन 24 हजार से 60 हजार करने की मांग.

-मेडिक्लेम 2 लाख से बढ़ाकर 5 लाख करने की मांग.

-मानदेय पर रखे गए कर्मचारियों को स्थाई किए जाने की मांग.

बोलने से रोका तो बिगड़ी बात

मिनिस्टिरियल स्टाफ एसोसिएशन ने मंडे को सर्कुलर जारी किया था, जिसमें कहा गया था कि लंबित मांगों को लेकर ट्यूजडे को अफसरों के साथ वार्ता होगी. पूरा स्टाफ अफसरों के साथ प्रशासनिक भवन के ऊपर यूनियन सभागार में एकत्र हुआ. आरोप है बैठक के दौरान सबसे पहले सुनील यादव ने बीच में अफसरों की तरफ से वकालत शुरू कर दी. जिस पर वर्तमान उपाध्यक्ष रामप्रीत ने विरोध जताया और कहा कि आप वर्तमान कमेटी में भी नहीं है तो अफसरों की तरफ से क्यों बोल रहे हैं. इसी बात पर दोनों पक्षों में कहासुनी के बाद धक्का मुक्की और मारपीट हो गई.

मनाने के प्रयास विफल

हंगामा होने के बाद निवर्तमान अध्यक्ष सुनील यादव ने पुलिस को तहरीर दी तो दूसरे पक्ष से समझौते के प्रयास शुरू हो गए. रजिस्ट्रार कक्ष में संगठन से जुडे़ कर्मचारियों ने सुनील यादव को समझौते के लिए मनाने का प्रयास किया. यह देख पुलिस वापस लौट गई लेकिन समझौते के प्रयास सफल नहीं हो सके. इसके बाद प्रशासनिक भवन के बाहर फिर कमरा नंबर 16 में अन्य साथियों ने सुनील यादव को मनाने का प्रयास किया लेकिन देर शाम तक वार्ता बेनतीजा रही.

रजिस्ट्रार का चढ़ा पारा

निवर्तमान अध्यक्ष व वर्तमान उपाध्यक्ष के बीच हुए विवाद के दौरान प्रशासनिक अधिकारी दीप जोशी की रजिस्ट्रार से झड़प हो गई. इससे रजिस्ट्रार का पारा हाई हो गया और उन्होंने यहां तक कह डाला कि जानते नहीं कि मैं रजिस्ट्रार हूं, मुझसे उलझना भारी पड़ जाएगा..यदि मेरी कलम चल गई तो बच नहीं पाओगे. किसी तरह अन्य कर्मचारियों ने मामला संभाला लेकिन रजिस्ट्रार बीच में ही आम सभा का मंच छोड़कर चले गए.

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मिनिस्टिरियल स्टाफ एसोसिएशन की बैठक चल रही थी. जिसमें वह आपस में ही भिड़ गए थे. समझाने के बाद भी वह मानने को तैयार नहीं हुए. उनका आपस का मामला है, सुलझ जाएगा.

अशोक कुमार, अरविन्द, रजिस्ट्रार

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आरयू मिनिस्टिरियल स्टॉफ एसोसिएशन के दोनों पक्षों ने एक दूसरे के खिलाफ तहरीर दी है. दोनों पक्षों में समझौते की बात हो रही थी इसलिए अभी मामला दर्ज नहीं किया गया है.

उपेन्द्र सिंह, एसएचओ बारादरी