कानपुर। कभी-कभी क्रिकेट जगत में कुछ ऐसा देखने को मिल जाता है जिसकी कोई कल्पना नहीं कर सकता। आज से 24 साल पहले भारत में ऐसा ही एक अनोखा मैच खेला गया। इस मैच में प्रत्येक टीम को 6-6 ओवर कम खेलने को मिले। साल 1994 में विंडीज क्रिकेट टीम भारत दौरे पर थी। भारत के साथ यहा वनडे सीरीज होनी थी। सीरीज का तीसरा मैच विशाखापत्तनम में खेला जाना था। ऐसे में दोनों टीमें तीसरा मैच खेलने निकल पड़ी। हालांकि खिलाड़ी तो मैदान तक पहुंच गए मगर उनका सामान खासतौर से विंडीज क्रिकेटरों की किट निर्धारित जगह नहीं पहुंची। ये सामान विशाखापत्तनम की बजाए चेन्नई चला गया था। ऐसे में उसे वापस मंगवाया गया जिसके चलते मैच देरी से शुरु हुआ।

किट मिलने के बाद मैच हुआ शुरु
विंडीज खिलाड़ियों को किट मिलने के बाद मैच शुरु हुआ। विंडीज कप्तान ने टॉस जीतकर पहले भारत को बल्लेबाजी का न्यौता दिया। उस वक्त टीम इंडिया के कप्तान अजहर हुआ करते थे। भारत ने नवजोत सिंह सिद्धू और सचिन तेंदुलकर की शानदार पारियों की बदौलत निर्धारित ओवर में 4 विकेट के नुकसान पर 260 रन बनाए। भारत की तरफ से सबसे ज्यादा रन सिद्धू के बल्ले से निकले। सिद्धू ने 103 गेंदों में नाबाद 114 रन की पारी खेली। अब विंडीज को जीत के लिए 261 रन बनाने थे।

जुर्माने के चलते विंडीज हार गई मैच
ब्रायन लारा, कार्ल हूपर और सिमंस जैसे दिग्गज खिलाड़ियों से सजी विंडीज टीम के लिए यह लक्ष्य असंभव तो नहीं था मगर इसे मुश्किल बना दिया विंडीज के गेंदबाजों ने। दरअसल कैरेबियाई टीम पर धीमी ओवर गति का जुर्माना लगाया गया और उनकी पारी का एक ओवर काट लिया गया। यानी विंडीज को 261 रन 44 ओवर नहीं बल्कि 43 ओवर में बनाने थे। बस यही एक ओवर आखिर में उनकी हार का कारण बना। वेस्टइंडीज टीम 7 विकेट पर 256 रन ही बना सकी। जिसके चलते उन्हें 4 रन से हार मिली।

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