SARAIKELA: भ्रष्टाचार और अफसरशाही रवैये के खिलाफ आंदोलन जारी रहेगी. इसके लिए चाहे मुझे जेल जाना पड़े या फांसी मिले, लेकिन जनता के हक व अधिकार की लड़ाई में हमेशा आगे रहेंगे. ईंचागढ़ विधान सभा क्षेत्र में केवल जनता का राज चलेगा न कि प्रशासन की भ्रष्ट नीति और अफसरशाही चलेगी. जनता ने चुना है इसलिए आवश्यकता पड़ने पर जनता के लिए अपने प्राण की आहुति देने को भी तैयार हूं. ये बातें ईचागढ़ विधायक साधुचरण महतो ने जेल से रिहा होने के बाद कहीं. विधायक ने कहा कि नीमडीह के रघुनाथपुर में मुआवजा कैंप पर मारपीट करने का झूठा आरोप उनके ऊपर लगाया गया. जबकि कैंप के दौरान जिला भू अर्जन पदाधिकारी दीपू कुमार ने स्वयं अधिकार का हनन करते हुए जाति सूचक गाली गलौज व ग्रामीणों के साथ दु‌र्व्यवहार किया था, जिसके खिलाफ नीमडीह थाना में मामला भी दर्ज कराया गया, लेकिन उस पर किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं हुई. विधायक ने कहा कि तबीयत बिगड़ने पर वे टीएमएच में भर्ती हुए थे इस दौरान पुलिस ने उन्हें कस्टडी में लिया, लेकिन भू अर्जन पदाधिकारी को प्रशासन ने बचाने का प्रयास किया है.

22 को दर्ज कराया था मामला

22 फरवरी को जिला भू-अर्जन पदाधिकारी दीपू कुमार ने ईंचागढ़ विधायक साधुचरण महतो समेत 150 अज्ञात के खिलाफ मारपीट, गाली-गलौज करने व सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में नीमडीह थाना में मामला दर्ज कराया था. पुलिस कस्टडी में दो माह रहने के बाद पिछले दिनों 10 मई को उच्च न्यायालय से विधायक को जमानत मिली गई. इससे पहले सरायकेला सीजीएम के यहां एक बार व जिला एवं सत्र न्यायाधीश के समक्ष दो बार जमानत याचिका दायर किया गया था, लेकिन तीनों बार जमानत खारिज हुआ था. जिसके बाद उच्च न्यायालय में जमानत याचिका दायर किया गया था, जहां जमानत मिल गई.

5 हजार कार्यकर्ता शामिल

पिछले दो माह से पुलिस कस्टडी में टीएमएच में इलाजरत ईंचागढ़ विधायक साधुचरण महतो मंगलवार को जेल से रिहा हो गए. सुबह करीब 11 बजे विधायक साधुचरण को पुलिस टीएमएच से सरायकेला जेल ले गई. वहीं सरायकेला व्यवहार न्यायालय में उनके अधिवक्ता ने सीजीएम के यहां जमानत दंड पत्र भरकर विधायक को जेल से रिहा करने की अनुमति ले लिया. इसके लिए अधिवक्ता ने दो जमानतदार को एसडीजीएम के यहां उपस्थित होना पड़ा. सीजीएम से अनुमति मिलने के बाद विधायक साधुचरण महतो को करीब एक बजे सरायकेला जेल से रिहा कर दिया गया. इस बीच कागजी प्रक्रिया पूरी होने तक विधायक को करीब दो घंटे जेल में रहना पड़ा.

विधायक के जेल से निकलने के बाद सरायकेला से नीमडीह के रघुनाथपुर तक विशाल जुलूस निकाली गई. इसमें करीब डेढ़ हजार चार पहिया वाहन व दो हजार से अधिक मोटरसाइकिल पर सवार होकर करीब पांच हजार कार्यकर्ता व समर्थक शामिल हुए. जुलूस में शामिल वाहनों की लंबी कतार लगी रही जिसका नजारा देखने को था. इस दौरान ढोल नगाड़े की धुन पर नाचते हुए कार्यकर्ताओं व समर्थकों ने साधुचरण महतो ¨जदाबाद, भ्रष्ट पदाधिकारी हाय हाय के जमकर नारे लगाए. इस बीच सरायकेला बाजार में जगह जगह जमकर आतिशबाजी भी की गई. जुलूस पूरे सरायकेला बाजार का भ्रमण करते हुए नीमडीह के रघुनाथपुर दुर्गा मंदिर परिसर पर जाकर समाप्त हुई.