-मारपीट के बाद परियोजना अधिकारी ऑफिस से हो गए गायब

-इंटर लॉकिंग सड़क निर्माण के ठेकों को लेकर विधायक कर रहे थे फोन

BAREILLY: डूडा (डिस्ट्रिक्ट अर्बन डेवलपमेंट एजेंसी) के ऑफिस में फ्राइडे दोपहर बाद अचानक ताला लटका दिया गया. प्रोजेक्ट ऑफिसर (पीओ) विनय सिंह भी गायब हो गए. उनका मोबाइल स्विच ऑफ हो गया. शहर भर के ज्यादातर अफसरों, नेताओं और पत्रकारों के फोन की घंटी बजने लगी. चर्चा फैली कि सत्ताधारी भाजपा के बिथरी-चैनपुर विधायक राजेश मिश्रा उर्फ पप्पू भरतौल और उनके समर्थकों ने पीओ विनय सिंह को उनके ही दफ्तर में थप्पड़ों से बुरी तरह पीट दिया. पहले दफ्तर के अंदर मारा. फिर बाहर लाकर मारा और दोबारा अंदर ले जाकर पीटा. मसला विधायक पप्पू भरतौल के एक करीबी को उनकी सिफारिश के बावजूद 7 इंटर लॉकिंग सड़कों के निर्माण कार्य के ठेके न दिए जाने का था. विधायक पीडी ऑफिस में बैठे होने की तस्वीर भी वायरल हुई है.

4 दिन से पीओ नहीं उठा रहे थे फोन

जानकारी के मुताबिक विधायक पप्पू भरतौल इसी मामले में पिछले चार दिनों से पीओ विनय सिंह को फोन कर रहे थे, लेकिन पीओ फोन उठा नहीं रहे थे. फ्राइडे दोपहर विधायक ने एक बार फिर फोन मिलाया, लेकिन इस बार भी फोन उठा नहीं. इससे तमतमाए विधायक समर्थकों के साथ सीधे गांधी उद्यान के पास डूडा ऑफिस पहुंच गए. करीब साढ़े 3 बजे यहां पर एक मीडियेटर के जरिए पीओ के साथ मुलाकात हुई. मुलाकात के दौरान ठेका न देने की बात हुई तो बताया गया कि सत्ताधारी पार्टी के ही एक मंत्री के रिश्तेदार को ठेका दिया जा चुका है. जिससे दोनों में बहस शुरू हो गई और फिर बहस इतनी बढ़ गई कि विधायक की मौजूदगी में समर्थकों ने पीडी के साथ मारपीट शुरू कर दी. मारपीट में पीडी का चश्मा टूटकर नीचे गिर गया. विनय सिंह जमीन पर नीचे गिर गए. यही नहीं समर्थकों ने नीचे गिरा चश्मा भी पैरों से कुचल दिया. जिसके बाद विधायक समर्थकों के साथ नगर निगम चले गए.

ऑफिस में मच गया हड़कंप

पीओ के साथ मारपीट के बाद डूडा ऑफिस में हड़कंप मच गया. उसके बाद धीरे-धीरे सभी कर्मचारी वहां से गायब हो गए और फिर ऑफिस में ताला भी लटक गया. पीओ ने सीनियर अधिकारियों से मामले की शिकायत की है. उसके बाद उनका फोन स्विच ऑफ हो गया. चर्चा फैली कि वह लखनऊ चले गए हैं, हालांकि देर रात उनका फोन ऑन हुआ. जब उनसे पूछा गया कि मारपीट हुई है, तो उन्होंने कहा यह सही है लेकिन अभी वह सोने जा रहे हैं और सुबह इस बारे में बात करुंगा, उसके बाद उन्होंने दोबारा फोन ही रिसीव नहीं किया. उन्होंने डीएम से भी मामले की शिकायत करने की बात कही है. जब इस संबंध में नगर आयुक्त से बात की गई तो उन्होंने जानकारी मिलने की बात कही लेकिन डीएम से फोन पर संपर्क नहीं हो सका. हालांकि विधायक ने डूडा ऑफिस में जाने की बात स्वीकार की है और उनकी पीओ के साथ खींची गई तस्वीरें भी इसे बयां कर रही हैं.

'मंत्री के करीबी को करोड़ों के ठेके'

बताया जा रहा है कि जिस टेंडर के लिए विधायक पप्पू भरतौल गए थे, उसे पहले ही सत्ताधारी पार्टी के एक मंत्री के रिश्तेदार को दिया जा चुका था. यह टेंडर 7 इंटर लॉकिंग सड़कों का है, जिसमें 6 करोड़ रुपए के काम होने हैं. इस टेंडर को दूसरा ठेकेदार लेना चाह रहा था लेकिन उसे नहीं मिला था. जिसके चलते उसने विधायक से शिकायत की थी. इसीलिए विधायक 4 दिन से लगातार पीओ को फोन कर रहे थे लेकिन फोन नहीं उठा तो विधायक का पारा चढ़ गया.

डूडा के पीओ के साथ विधायक समर्थकों के द्वारा मारपीट की खबर मिली थी. एसपी सिटी को मामले का पता कराने के निर्देश दिए हैं. कोई तहरीर नहीं मिली है. जांच कर कार्रवाई की जाएगी.

डॉ. सतीश कुमार, प्रभारी एसएसपी

पीओ हमारा 4 दिन से फोन नहीं उठा रहे थे. वहां चाय पीने के लिए गए थे, कुछ देर रुकने के बाद वापस नगर निगम चले गए. हम विकास कार्य नहीं देखते हैं, हमारे भाई यह काम देखते हैं. मारपीट के मामले में मेरा कोई लेना देना नहीं है. हम सिर्फ जनता की सेवा करते हैं.

राजेश मिश्रा, विधायक बिथरी चैनपुर

पीओ विनय सिंह के साथ विधायक समर्थकों के साथ मारपीट की सूचना मिली है. क्लर्क को भी ऑफिस भेजा था. मामले की जांच कराई जा रही है.

राजेश कुमार श्रीवास्तव, नगर आयुक्त