PATNA:  पांच साल में सम्पत्ति में तेजी से हुई बढ़ोत्तरी को लेकर उनका केस फिर से रीओपन करने की तैयारी चल रही है. आईटी के निशाने पर आए इन माननीयों की सम्पत्ति में ख्00 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. उन्हें नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है.

घोषणा पत्र से सामने आया सच

वर्ष ख्0क्भ् के बिहार विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार रहे इन ख्8 माननीयों ने अपनी संपत्ति की जो घोषणा की थी, उसका मिलान वर्ष ख्0क्0 के विधानसभा चुनाव में की गई संपत्ति की घोषणा से किया. पाया गया कि संपत्ति में ख्00 प्रतिशत बढ़ोत्तरी हुई है. हालांकि आयकर विभाग ने इस मामले में बिहार के कुल भ्0 विधायकों की पहचान की थी, लेकिन इनमें ख्ख् नेताओं ने आयकर विभाग को अपना जो जवाब भेजा, उससे वह संतुष्ट है जबकि ख्8 वर्तमान व पूर्व विधायकों का जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया. आयकर विभाग के सूत्रों के मुताबिक ख्8 विधायकों की कुल फ्0 करोड़ की संपत्ति जांच के दायरे में है. आशंका है कि यह उनकी अघोषित संपत्ति हो सकती है. आयकर विभाग ने इन माननीयों की संपत्ति से संबंधित मामले को रीओपन करने के संकेत दिए हैं, क्योंकि अघोषित आय पर आयकर अधिनियम की धारा क्ब्7 के तहत पेनाल्टी वसूली का प्रावधान है. वह भी उसपर लगने वाले टैक्स का तीन गुना.

पानी की तरह बढ़ा पैसा

जिन माननीयों की सम्पत्ति पानी की तरह बढ़ी है उनके प्रमुख रूप से अरुण कुमार सिन्हा, जेल में बंद राजवल्लभ यादव, भाजपा के राणा रंधीर सिंह, सर्फुद्दीन, शमीम अहमद, पूर्णिमा यादव, श्रीनारायण यादव, विजय कुमार सिन्हा, नरेंद्र कुमार नीरज, रेखा देवी, निरंजन राम, अरुण यादव, पूर्व विधायक रामाधार सिंह व विजय कुमार शुक्ला उर्फ मुन्ना शुक्ला शामिल हैं.