PATNA : शराबबंदी कानून तोड़ने वालों के खिलाफ सरकार बिजली और टेलीफोन के खंभों को हथियार बनाएगी. गांव-गांव में लगे बिजली और टेलीफोन के खंभों पर पुलिस अधिकारियों के मोबाइल और टेलीफोन नंबरों की सूची टांगी जाएगी. इन नंबरों पर शराबबंदी का उल्लंघन करने वालों की शिकायत दर्ज कराई जा सकती है. शिकायत करने वाले लोगों के नाम व पते गुप्त रखे जाएंगे.

पुरस्कृत होंगे अधिकारी

शुक्रवार को बीएमपी स्थित मिथिलेश स्टेडियम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार पुलिस के पदाधिकारियों को एक नया दायित्व सौंपा गया है. अब पुलिस के वरिष्ठ पदाधिकारी शराबबंदी कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ केवल कार्रवाई ही नहीं करेंगे, बल्कि अपनी ड्यूटी से समय निकालकर लोगों को शराब से होने वाले नुकसान को लेकर जागरूक भी करेंगे. मुख्यमंत्री ने कहा कि शराबबंदी को लेकर लोगों को जागरूक करने वाले पुलिस पदाधिकारियों को गृह विभाग पुरस्कृत करेगा.

महिलाओं को मिल रहा 35 फीसदी आरक्षण

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शुक्रवार को बीएमपी स्थित मिथिलेश स्टेडियम में बिहार की अनुसूचित जनजाति से आने वाली महिलाओं को लेकर गठित बिहार स्वाभिमान बटालियन के पहले स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार स्वाभिमान बटालियन की नवनियुक्त 222 महिला सिपाहियों की पासिंग आउट परेड की सलामी ली. दरअसल, बिहार स्वाभिमान बटालियन के लिए बिहार पुलिस को कम से कम 750 महिला सिपाहियों की जरूरत थी. लेकिन इसके लिए अनुसूचित जनजाति की महज दो हजार महिलाओं ने आवेदन किया था. जिसमें 222 को नियुक्त किया गया है. बिहार देश का पहला राज्य है जहां अन्य सेवाओं के साथ पुलिस सेवा में भी महिलाओं को 35 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है.

डेढ़ दशक में सशक्त हुई पुलिस

उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ दशक में बिहार पुलिस को संसाधन संपन्न बनाया गया है. चाहे वह स्तरीय प्रशिक्षण हो या फिर वर्दी से लेकर वाहन और अत्याधुनिक हथियारों की उपलब्धता. झारखंड बंटवारे के बाद बिहार में अनुसूचित जाति की संया काफी कम हो गई है. ऐसे में कई अतिपिछड़ी जातियों को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने का प्रस्ताव केंद्र को भेजा गया है.