DEHRADUN: शुक्रवार को दोपहर के ठीक क्ख् बजते ही दून की धरती भूकंप से डोलने लगी. स्थानीय लोगों और प्रशासन में इसे लेकर अफरा-तफरी देखने को मिली. पुलिस कंट्रोल रूम को जैसे ही सूचना मिली, रेस्क्यू टीम बचाव के लिए रवाना हुई. भूकंप से सबसे ज्यादा नुकसान दून हॉस्पिटल में हुआ, पुलिस और राहत बचाव दल ने मुस्तैदी से फ्भ्0 लोगों को रेस्क्यू किया. ये एक मॉक ड्रिल थी, जो डिजास्टर मिटिगेशन के लिए संबंधित विभागों की तैयारियां परखने के लिए प्रशासन द्वारा की गई.

चौकस दिखा रेस्क्यू सिस्टम

शुक्रवार को इंटरनेशनल डिजास्टर मिटिगेशन डे के तहत राजधानी में शासन-प्रशासन ने भूकंप जैसी आपदाओं के लिए अपनी तैयारियों को परखने के लिए मॉक ड्रिल का आयोजन किया. ड्रिल में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस बल, आपदा प्रबंधन, बीएसएफ, आईटीबीपी और तमाम विभागों के कर्मचारियों और अधिकारियों ने भाग लिया. ड्रिल के दौरान देहरादून में तेज भूकंप आने की सूचना प्रसारित की गई. इसके बाद सभी बचाव दलों और जिम्मेदार महकमों ने अपनी जिम्मेदारी और कर्तव्यों का निर्वहन किया. इस मौके पर दून अस्पताल, कोरनेशन अस्पताल, बन्नू स्कूल, भागीरथी अपार्टमेंट आदि क्षेत्रों में भूकंप से सबसे अधिक नुकसान की सूचना प्रसारित की गई. इसी क्रम में दून अस्पताल पहुंचकर रेस्क्यू टीम ने साढ़े तीन सौ से अधिक लोगों का रेस्क्यू किया, जबकि अन्य जगहों पर ख्0 घायल लोगों को भी बचाया गया. मॉक ड्रिल में सचिव अमित नेगी, आयुक्त गढ़वाल दिलीप जावलकर, आईजी एसडीआरएफ संजय गुंज्याल, आईजी कार्मिक जीएस मार्तोलिया, डीएम एसए मुरगशेन, एसएसपी निवेदिता कुकरेती आदि उपस्थित रहे.