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छ्वन्रूस्॥श्वष्ठक्कक्त्र: मानगो कुंअर बस्ती में 70 लाख की लागत से बनाया गया 50 बेड का मॉर्डन शेल्टर होम शहर के बाहर स्थित होने और प्रचार-प्रसार की कमी के कारण खाली पड़ा है। जबकि सैकड़ों लोग शहर की सकड़ों के किनारे रात बिताने के लिए मजबूर हैं। मानगो नगर निगम द्वारा नेशनल हाइवे से जुड़े कुंअर बस्ती पानी टंकी के पास 50 बेड का मार्डन शेल्टर होम 68,79,966 लाख रुपए में बनाकर तैयार किया गया था। इसका उद्घाटन खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले के मंत्री सरयू राय ने 30 दिसंबर 2018 में किया था।

यहां हैं कई सुविधाएं

शेल्टर होम में ठहरने वालों के लिए आलीशान बेड, सुरक्षा के लिए 16 सीसीटीवी कैमरे, गीजर, पीने के पानी के लिए आरओ प्यूरीफायर, डायनिंग हॉल, इंनवर्टर की सुविधा के साथ ही, बाहर से आने वाले लोगों के लिए कमरे की व्यवस्था की गई है। दैनिक जागरण आई नेक्स्ट की टीम ने जब शेल्टर होम का जायजा लिया तो व्यवस्थाएं ठीक मिलीं, लेकिन ठहरनेवाला एक भी नहीं मिला। शेल्टर होम की व्यवस्था देख रही फुरिडा स्वयं संस्था के केयर टेकर ने बताया कि ठंड के दिनों में लोग आते थे, लेकिन अभी कोई नहीं आ रहा है। केयर टेकर ने बताया कि नेशनल हाइवे के लोगों को शेल्टर होम के बारे में जानकारी ही नहीं है। उन्होंने बताया कि मानगो एरिया के लेबर अड्डों में मानगो चौक और डिमना चौक में बोर्ड लगाकर जागरूकता फैलाई जा रही है।

रोड किनारे सो रहे लोग

शहर में पांच-छह शेल्टर होम होने के बाद भी हजारों मजदूर सड़क किनारे सोते है। जनवरी में टाटानगर रेलवे स्टेशन के सामने बने डिवाइडर पर सो रहे धनबाद के एक परिवार के चार लोगों की मौत हो गई थी और तीन जख्मी हो गए थे। यह शहर की पहली घटना नहीं है, इससे पहले भी सड़क किनारे सोने में कई मजदूर और उनका परिवार अपनी जान गवां चुके हैं। शहर के जमशेदपुर नोटिफाइड एरिया में पांच शेल्टर संचालित है। इसके बाद भी शहर में मजदूर सड़कों के किनारे सो रहे हैं।

जागरूकता की कमी

मानगो के कुंवर बस्ती में बने शेल्टर होम की जानकारी न होने से शहर में काम करने वाले मजदूरों को लाभ नहीं मिल पा रहा है, स्थानीय लोगों ने बताया कि नेशनल हाइवे पर स्थित कौशल विकास केंद्रों पर कोर्स कर रहे छात्रों को जानकारी नहीं होने से वे किराये के कमरे में रह रहे हैं। बताते चलें कि शेल्टर होम में रहनेवाले लोगों की खाने की व्यवस्था भी संस्था की ओर से की जाती है। लेकिन, शेल्टर होम में लोग नहीं आने की वजह से इसकी शुरुआत भी नहीं की गई है।

मागनो कुंवर बस्ती में 50 बेड का शेल्टर होम बनाया गया है। इसकी देखरेख की जिम्मेदारी समाजसेवी संस्था फुरिडा कर रही है। नगर निगम के कर्मचारी चुनाव ड्यूटी में व्यस्त हैं। शेल्टर होम में अगर लोग नहीं पहंच रहे हैं, तो इसके लिए लेबर अड्डों पर बोर्ड आदि लगाकर लोगों को इसके बारे में जानकारी दी जाएगी।

-राजेंद्र प्रसाद गुप्ता, कार्यपालक पदाधिकारी, मानगो नगर निगम जमशेदपुर