गुजरात, हिमचाल, उत्तराखंड और जम्मू कश्मीर में भारी बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया । मानसून दिल्ली और एनसीआर में भी पहुंच गया है। गुजरात में पिछले 48 घंटे से भारी बारिश हो रही है। बारिश से जानमाल की भारी क्षति हुई है। गुजरात में बारिश से 51 लोगों के मरने की खबर है। राजकोट में 24 घंटे में 167 एमएम बारिश दर्ज की गई है जो अब तक का रिकॉर्ड है। आज भी भारी बारिश की संभावना व्यक्त की गई है। मौसम विभाग ने चक्रवात की चेतावनी भी जारी की है।

दिल्ली व एनसीआर पहुंचा मानसून

काफी इंतजार के बाद मानसून दिल्ली और एनसीआर में पहुंच गया है। बुधवार शाम से ही राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में हो रही मानसून की बारिश ने लोगों को गर्मी से काफी राहत दी। राजधानी में दिल्ली में तापमान सामान्य से 6 डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया गया।अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अब तक 20.6 mm बारिश रिकॉर्ड की गई है। उधर, गुजरात, कश्मीर और उत्तराखंड बारिश से बेहाल है। इस बीच मौसम विभाग का अनुमान है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून अगले 48 घंटे में पूरे भारत में छा जाएगा। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने अपने ताजा अनुमान में कहा है कि मानसून के आगे बढ़ने के लिए स्थितियां अनुकूल है इसलिए अगले 48 घंटे में अरब सागर के शेष भागों और पूरे देश में मानसून पहुंच जाएगा।

गुजरात में 51 लोगों की मौत
गुजरात में भारी बारिश से प्रदेश में अबतक 51 लोगों की मौत हुई है। राहत आयुक्त डीएन पांडेय ने बताया कि अमरेली जिले में सबसे ज्यादा 23 लोगों की मौत हुई है। भारी बारिश से 12 से ज्यादा गांवों में बाढ़ आ गई है। इसके अलावा गिर जंगल से सटे भेंटवदर गांव में दो एशियाई शेर भी बाढ़ में फंस गए हैं। फंसे लोगों को निकालने के लिए एनडीआरएफ व वायुसेना की टीम बुलाई गई है। अमरेली के जिलाधिकारी एचआर सुतार ने बताया कि वायुसेना के दो हेलीकॉप्टर व आपदा राहत बल के जवान बचाव में जुट गए हैं। राजकोट, अमरेली और भावनगर के लगभग छह हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। बुधवार सुबह से अमरेली में भारी बारिश हो रही है। सौराष्ट्र के अन्य क्षेत्रों-राजकोट, गिर-सोमनाथ, भावनगर, जूनागढ़, द्वारिका में भी भारी बारिश से जनजीवन ठप हो गया है।

सौराष्ट्र के करीब पौने चार सौ तथा मध्य गुजरात के 338 गांवों में बिजली सप्लाई ठप होने से अंधेरा छा गया है। मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में 26 से 28 जून तक गांधीनगर में होने वाला चिंतन शिविर भारी बारिश की चेतावनी के बाद रद कर दिया गया है। महाराष्ट्र के बाद अब गुजरात में अगले 24 से 48 घंटे में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। गुजरात में आगामी 24 घंटे तक हाई अलर्ट घोषित किया गया है। राज्य के अधिकांश बांध लबालब हो चुके हैं तथा कुछ अगले 24 घंटे में ओवरफ्लो होने वाले हैं।

कश्मीर में झेलम खतरे के निशान के ऊपर
कश्मीर में पिछले 24 घंटे से हो रही मूसलाधार बारिश से प्रदेश में एक बार फिर से बाढ़ का खतरा उत्पन्न हो गया है। दक्षिण कश्मीर के संगम में गुरुवार तड़के झेलम नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। कश्मीर घाटी में बीते चौबीस घंटों से लगातार जारी हिमपात और निचले क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश को देखते हुए राज्य में एक बार फिर बाढ़ को लेकर एलर्ट जारी कर दिया गया है।

झेलम समेत सभी प्रमुख नदी नालों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। बुधवार रात अनंतनाग, पुलवामा जिले में बाढ़ का अलर्ट जारी करते हुए अगले 48 घंटों में जोरदार बारिश की आशंका जाहिर की गई है। झेलम के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की हिदायत देने के साथ सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के फील्ड स्टाफ को तुरंत ड्यूटी पर पहुंचने के निर्देश दिए गए है। एक माह के भीतर कश्मीर में दूसरी बार बाढ़ का अलर्ट जारी हुआ है।

उत्तराखंड में हो रही झमाझम बारिश
कुमाऊँ में मानसून का आगाज झमाझम बारिश के साथ हुआ। बुधवार रात से बारिश हो रही है। सुबह आठ बजे से कई जगह बारिश रुकी है लेकिन बादल घिरे है। पर्वतीय क्षेत्रों में कई स्थानों पर सड़को पर मलबा आ गया है। बरसाती नाले उफान पर है। नदियों का जल स्तर भी बढ़ने लगा है। अल्मोड़ा हाईवे पर कई जगह पत्थर गिरने की सूचना है। चम्पावत में हाईवे पर धौन व बेलखेत में मलबा आने के चलते वाहन करीब तीन घंटे तक फंसे रहे। एहतियातन चल्थी चौकी पुलिस ने टनकपुर से आ रहे वाहनों को चौकी के बैरियर पर रोक लिया। सुबह करीब नौ बजे यातायात सामान्य हो गया था।

अभी तक इन राज्यों में दी है दस्तक

इस बार मानसून में अभी तक उत्तरी अरब सागर, गुजरात, मध्य प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूरे बिहार और जम्मू-कश्मीर में दस्तक दे दी है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब और पूर्वी राजस्थान के कुछ भागों तक भी मानसून पहुंच गया है। 1-23 जून के दौरान देशभर में सामान्य के मुकाबले 23 फीसद अधिक बारिश हुई है। आईएमडी के मुताबिक, इस दौरान 136.4 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

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