- आम लोगों में संबंधित विभाग व प्रशासन के खिलाफ नाराजगी

- लोगों की मांग, जिम्मेदार विभाग की जिम्मेदारी हो तय

- पलटन बाजार में सड़क की स्थिति भी खराब

DEHRADUN: राजधानी में जिधर देखो खुदी सड़क ही नजर आएगी. सच्चाई यह है कि अब मानसून ने दस्तक दे दी है. लेकिन इसके बाद भी राजधानी की सड़क खोदने वाली सरकारी व गैर सरकारी एजेंसियों की तरफ से सड़क की मरम्मत करना तो दूर, झांकने तक का प्रयास नहीं किया जा रहा है. इसका असर यह हो रहा है कि आम लोग बरसात होते ही सबसे ज्यादा परेशान हो रहे हैं. हर इलाकों में सड़कों की बदहाल स्थिति को देखते हुए अब तो लोगों ने इस सीजन में सड़कों की मरम्मत होने की उम्मीद ही छोड़ दी है. गड्ढों में पानी भरने से गाडि़यों के रपटने का भी खतरा बढ़ गया है. जिससे दूनाइट्स को काफी परेशान हो पड़ रहा है.

लोगों ने छोड़ी उम्मीद

शनिवार को दैनिक जागरण आई नेक्स्ट की टीम ने पलटन बाजार, तहसील चौक, दून चौक व पटेलनगर के कुछ इलाकों में सड़कों की पड़ताल की. इलाकों में ऐसी कोई सड़क नजर नहीं आई, जहां पर सड़क बीचोंबीच या फिर किनारे पर न खोदी गई हो. इन इलाकों में सड़क के खोदे जाने का सिलसिला कई दिनों से शुरू हुआ था, जा अब तक जारी है. अकेले पलटन बाजार की बात की जाए तो व्यवसाइयों का कहना है कि एक साल से अधिक का वक्त पूरा हो चुका है, लेकिन अब तक पलटन बाजार, धामावाला, कोतवाली के आसपास खोदी गई सड़कों का निर्माण नहीं हो पाया है. हाल ऐसा ही प्रिंस चौक से लेकर तहसील चौक व दून चौक से लेकर बुद्धा चौक तक का है. इसको लेकर अब स्थानीय दुकानदारों, कारोबारियों व आम लोगों ने उम्मीद ही छोड़ दी है. पलटन बाजार कोतवाली के पास तो अब खुद दुकानदारों ने ईटों के जरिए अपने जाने को रास्ता तैयार कर दिया है. जिन इलाकों जो सड़कें खोदी गई हैं, उसमें कहीं सीवर लाइन तो कहीं पानी के कनेक्शन को सभी कनेक्शनों से जोड़ने की बात कही गई है.

पलटन बाजार में एक साल से अधिक का वक्त पूरा हो चुका है. मुख्य सड़क के किनारे पानी के नाम पर सड़क खोद दी गई थी. लेकिन अब तक सड़क की मरम्मत नहीं हो पाई. हमारा व्यवसाय चौपट हो रहा है.

एजाज अहमद, पलटन बाजार.

पलटन बाजार में सड़क खोदे जाने से गर्मियों में धूल व बरसात में कीचड़ से व्यवसाई परेशान हो जाते हैं. ग्राहक भी दुकान तक नहीं पहुंच पाते हैं. बरसात में तो कीचड़ से गाडि़यां भी धंस जाती हैं.

निमित, पलटन बाजार.

मेरे हिसाब से तो शहर में ऐसा कोई इलाका नहीं है, जहां सड़क न खोदी गई हो. आखिर जिस विभाग ने सड़क खोदी है, जनहित में उसकी जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए.

अनीता.

कारणवश, दून में सड़कें खोद दी जाती हैं तो प्रशासन को बरसात से पहले मरम्मतीकरण किए जाने की व्यवस्था भी सुनिश्चित करनी चाहिए. जिससे आम लोगों को परेशानी न उठानी पड़े.

जीतेंद्र.

दून में जहां देखो, वहां सड़क खोद दी गई है. यह हाल तो केवल शहर का है. बाकी आउटर इलाकों का क्या हाल होगा, अंदाजा लगाया जा सकता है.

अनिल.

बरसात में जिस प्रकार से आम लोग सड़कों के हाल को लेकर परेशान हो रहे हैं, उस लिहाज से संबंधित विभाग को जिम्मेदार मानते हुए प्रशासन को कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए.

राशी.

ऐसा लगता है कि जिन विभागों ने विकास के नाम पर सड़क खोद कर छोड़ दिया है, उनकी निगरानी करने वाला कोई नहीं है. सड़क खोद कर छोड़ने के बाद कई एक्सीडेंट के मामले सामने आ रहे हैं.

स्वप्निल