अब मानसून मिलेगा उत्‍तर-पश्चिम क्षेत्र से
अभी मानसून के स्‍टोर में और भी ज्‍यादा बारिश है। अब ये बारिश भारत के उत्तर पश्चिम क्षेत्र से जाकर मिलेगी। यहां अभी से मौसम को भिगोने वाली हवाएं चलने लगी हैं। ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि अगले दो दिनों में यहां मौसम बदलेगा और बारिश जरूर होगी। Met डिपार्टमेंट से मिली जानकारी पर गौर करें तो इस हफ्ते में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र को मिलाकर उत्‍तर-भारत में मानसून को जल्‍द आना ही होगा। वहीं Met एक्‍सपर्ट्स कहते हैं कि जहां एक ओर इस हफ्ते बारिश की संभावना जताई जा रही है, वहीं उसके बाद मानसून के कमजोर होने की संभावना है।        

ऐसा कहता है मौसम विभाग
इंडियन इंस्‍टीट्यूट ऑफ ट्रॉपिकल मेट्रोलॉ‍जी के निदेशक एम राजीवन की मानें तो बीते चार दिनों में मानसून का सबसे अच्‍छा फेज़ था। उसके बाद जुलाई की शुरुआत के बारे में अभी भी कुछ संश्‍ाय है। राजीवन कहते हैं कि पिछले 12-13 दिनों में भारत में इक्वेटोरियल पूर्व की ओर आगे बढ़ते भरपूर मानसून ने मैडेन जूलियन ऑस्‍कीलेशन (MJO) का स्‍वागत किया। हिंद महासागर से उठते मानसून ने उस बारिश को तेजी दी। भारतीय मौसम विभाग के निदेशक बीपी यादव इस बात से सहमत हैं कि MJO अगले चार से पांच दिनों में पश्चिमी प्रशांत में प्रवेश करेगा और इसका मानसून पर सकारात्‍मक असर पड़ेगा। हालांकि MJO ने मानसून को अच्‍छी शुरुआत दी, जिसके इस साल कम होने का अनुमान लगाया जा रहा था। देखा जाए, तो अच्‍छी बारिश के साथ जून का अंत होने जा रहा है।  

सोमवार को मानसून रहा बेहतरीन
सोमवार को मानसून की गतिविधि ज्‍यादा बेहतर थी। पूरे देश भर में कुल मिलाकर 13.8mm बारिश रिकॉर्ड की गई। यह सामान्‍य से दोगुनी थी। बुधवार या गुरुवार को गुजरात में बारिश हो सकती है। उसी समय मानसून उत्‍तर भारत को हिट करेगा। यादव कहते हैं कि बुधवार तक गुजरात से आता हुआ कम प्रेशर सिस्‍टम उत्तर-पश्चिम भारत की ओर बारिश लाएगा। IMD के डायरेक्‍टर कहते हैं कि पश्चिमी हिमालय पर गतिविधियां बढ़ती बारिश की ओर संकेत कर रही है, लेकिन हम किसी भी चरम घटना की आशंका नहीं कर सकते।
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