- बर्न पेशेंट्स को कोलेजन पट्टी लगाने के नाम पर हजारों की उगाही, दैनिक जागरण-आई नेक्स्ट की पड़ताल में खुलासा

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KANPUR: हैलट की बर्न यूनिट में मरीजों की ड्रेसिंग के नाम पर हजारों की दलाली का खेल चल रहा है. दैनिक जागरण आईनेक्स्ट ने इसकी पड़ताल की तो पता चला कि कोलेजन ड्रेसिंग के नाम पर बर्न पेशेंट्स से हजारों रुपए वसूले जा रहे हैं. दो दिन पहले इमरजेंसी में आए एक बर्न पेशेंट को ड्रेसिंग सामान देने के दौरान पकड़े गए एक दलाल से पूछताछ में इसका खुलासा हुआ. बर्न पेशेंट्स को जल्द सही करने और उनके इंफेक्शन न फैलने देने की बात कह उनसे इस दवा के नाम पर 20 हजार रुपए तक की वसूली की जाती है.

सांठगांठ से होता है 'खेल'

ड्रेसिंग के नाम पर हजारों की उगाही का खेल जूनियर डॉक्टर्स व दलालों की मिलीभगत से होता है. इमरजेंसी में जैसे ही कोई बर्न पेशेंट आता है. जेआर खुद दलाल को इसकी सूचना देता है. 30 से 40 परसेंट बर्न हो या फिर उससे ज्यादा ऐसे पेशेंट को कोलेजन ड्रेसिंग की जाती है. मरीजों और उनके तीमारदारों को इसकी ज्यादा जानकारी नहीं होती. ऐसे में वह इनके झांसे में भी आ जाते हैं. मेडिकल स्टोर्स में यह ड्रेसिंग आसानी से नहीं मिलती. इसका फायदा भी दलाल और कंपनी के प्रतिनिधि उठाते हैं.

कीमत पता लगाना भी मुश्किल

कोलेजन ड्रेसिंग के पैच सामान्यत मेडिकल स्टोर्स में नहीं मिलते. जरूरत पड़ने पर डॉक्टर्स खुद ही कंपनी के प्रतिनिधियों से इसे सीधे मंगाते हैं. इसकी खरीद का खेल कुछ हद तक आर्थोपेडिक प्लॉट की तरह ही है. जिसमें मार्केट रेट का पता लगा पाना बेहद मुश्किल होता है. इसे सीधे कंपनी के प्रतिनिधि से ही खरीदा जाता है. ऐसे में कीमत में काफी खेल किया जाता है. जिसे मरीज और तीमारदार को भुगतना पड़ता है.

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क्या है कोलेजन ड्रेसिंग

यह एक तरह का प्रोटीन होता है. जिसे बर्न पेशेंट के जले हुए हिस्से पर लगाया जाता है. इसे लगाने के बाद घाव पर पट्टी बांधने की जरूरत नहीं पड़ती. यह शरीर के जले हुए हिस्से में टीश्यू की मरम्मत करता है. साथ ही स्किन टीश्यू को बढ़ाने में मदद करता है.