क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ : दीपावली की रात राजधानी के लोगों ने जमकर बम-पटाखे फोड़े. एक ओर पटाखों की तेज आवाज को लोग एन्जॉय कर रहे थे तो दूसरी ओर शहर में पटाखों के कारण पॉल्यूशन का लेवल भी लगातार बढ़ रहा था. राजधानी में शाम के पांच बजे पॉल्यूशन का लेवल मात्र 57.80 प्रति घन मीटर पीएम-10 था, वहीं रात के 12 बजते -बजते पॉल्यूशन लेवल 427.70. प्रति घन मीटर पीएम-10 पहुंच गया. पॉल्यूशन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, दीपावली की रात मैक्सिमम पॉल्यूशन का लेवल 427.70 प्रति घन मीटर पीएम-10 पाया गया, जबकि मिनिमम पॉल्यूशन का लेवल 67.80 प्रति घन मीटर पीएम-10 था. एवरेज पॉल्यूशन का लेवल 177.85 प्रति घन मीटर पीएम-10 पाया गया.

पूरे शहर में बढ़ा प्रदूषण

राजधानी में दीपावली के दिन पटाखों के कारण वायु प्रदूषण बढा. सबसे अधिक ध्वनि प्रदूषण अल्बर्ट एक्का चौक पर शाम सात से आठ बजे रात तक हुआ. लालपुर चौक और रातू रोड स्थित चौराहे पर भी पॉल्यूशन का लेवल बढ़ गया है. राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पटाखों के कारण वायु और ध्वनि प्रदूषण का अध्ययन कराया. बोर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक, दीपावली के दिन राजधानी में कई चौक-चौराहों पर शाम के पांच बजे से रात के 12 बजे तक 177.85 प्रति घन मीटर पीएम-10 पॉल्यूशन पाया गया. जांच के दौरान औसतन 177.85 प्रति घन मीटर पीएम-10 पाया गया. सामान्य आबोहवा के लिए 100 घन मीटर पीएम-10 सामान्य माना जाता है.

आवाज वाले पटाखों ने बढ़ाई परेशानी

झारखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, दीपावली पर प्रदूषण के न्यूनतम स्तर में बढ़त और अधिकतम स्तर में गिरावट दर्ज की गई. तेज आवाज वाले पटाखे छोड़ने से हवा में सल्फर डाइआक्साइड की मात्रा में बढ़ोतरी हुई है. बिना आवाज वाले पटाखों की मांग कम होने से बाकी खतरनाक अवयव की मात्रा में कमी आई है, औसत दिनों की तुलना में सभी खतरनाक अवयव में बढ़ोतरी चिंता का विषय है.

हर घंटे ऐसे बढ़ा पॉल्यूशन

शाम 5 बजे: 57.80 प्रति घन मीटर पीएम-10

शाम 6 बजे: 74.0 प्रति घन मीटर पीएम-10

शाम 7 बजे: 79.50 प्रति घन मीटर पीएम-10

रात 8 बजे: 118.00 प्रति घन मीटर पीएम-10

रात 9 बजे: 280.80 प्रति घन मीटर पीएम-10

रात 10 बजे: 303.80 प्रति घन मीटर पीएम-10

रात 11 बजे: 378.10. प्रति घन मीटर पीएम-10

रात 12 बजे: 427.70. प्रति घन मीटर पीएम-10

छह जगहों पर मापा प्रदूषण लेवल

झारखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से दीपावली के दिन रांची के छह जगहों पर प्रदूषण की जांच की गई. इनमें अल्बर्ट एक्का चौक, बरियातू, रातू रोड, लालपुर, अशोक नगर, डोरंडा इलाके शामिल हैं.

कैसे मापते हैं प्रदूषण

प्रदूषण की माप हवा में मौजूद महीन कणों व कार्बन, सल्फर जैसे तत्वों की मौजूदगी से की जाती है. पिछले एक हफ्ते से वैज्ञानिक हवा में मौजूद पार्टिकुलेट मैटर(महीन कण) की हवा में मौजूदगी की जांच कर रहे थे.

वर्जन

राजधानी में दीपावली की रात पॉल्यूशन का लेवल बढ़ा है. पॉल्यूशन जांच की रिपोर्ट हर जगह से ली गई है. हालांकि हर साल की अपेक्षा इस साल कम प्रदूषण आंका गया है.

राजीव लोचन बख्शी, सदस्य सचिव, पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड