-रेरा में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए 31 जुलाई तक 61 हाउसिंग प्रोजेक्ट हुए थे अप्लाई

-अब बचे केवल 23, प्राइवेट बिल्डर्स के साथ केडीए, आवास विकास के प्रोजेक्ट भी नदारद

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KANPUR: यूपी रेरा की कसौटी पर सिटी के आधे से ज्यादा रियल इस्टेट प्रोजेक्ट फेल हो गए हैं. इनमें प्राइवेट बिल्डर्स के ही नहीं केडीए और आवास विकास के प्रोजेक्ट्स भी शामिल हैं. इससे अफरातफरी मची हुई है. क्योंकि अपने घर का सपना देख रहे लोगों को ठगी और अवैध हाउसिंग प्रोजेक्ट्स में फंसने से बचाने के लिए यूपी सरकार ने उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथारिटी(यूपी-रेरा) का गठन किया. रेरा में रजिस्ट्रेशन कराने वाले प्रोजेक्ट्स ही वैध माने जाएंगे.

बाकी प्रोजेक्ट्स का क्या हुआ?

रियल इस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी वेबपोर्टल ((www.up-rera.in) ख्म् जुलाई को सीएम योगी आदित्यनाथ ने लांच किया था. इसमें भ्00 स्क्वॉयर मीटर से अधिक या 8 फ्लैट से अधिक वाले सभी प्रोजेक्ट्स का रजिस्ट्रेशन कराना कम्प्लसरी किया गया था. प्राइवेट बिल्डर्स को ही नहीं गवर्नमेंट डिपार्टमेंट को भी प्रमोटर्स के तौर पर और अपने सभी ऑनगोइंग प्रोजेक्ट्स का रजिस्ट्रेशन कराना था. इसके लिए लास्ट डेट फ्क् जुलाई रखी गई थी. फ्0 जुलाई तक गवर्नमेंट और प्राइवेट मिलाकर फ्ब् प्रोजेक्ट्स को ऑन लाइन रजिस्ट्रेशन के लिए अप्लाई किया गया था. फ्क् जुलाई की देररात अप्लाई किए जाने वाले प्रोजेक्ट्स की संख्या म्क् पहुंच गई थी. लेकिन आज की तारीख में रेरा में सिर्फ ख्फ् प्रोजेक्ट ही रजिस्टर्ड हैं. बाकी प्रोजेक्ट्स का पोर्टल पर कोई डिटेल मौजूद नहीं है. केडीए और आवास विकास के प्रोजेक्ट भी वेबसाइट से गायब हैं. ऐसे में इन प्रोजेक्ट्स में इंवेस्ट करने वाले लोगों को इस बात का भय सता रहा है कि कहीं उनके प्रोजेक्ट अवैध तो डिक्लेयर नहीं कर िदए गए हैं?

पूरी कुंडली थी देनी

यूपी रेरा वेबपोर्टल पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए सभी प्रमोटर्स को प्रोजेक्ट्स को पूरी जन्मकुंडली देनी थी. जिसमें प्रोजेक्ट का नाम, एड्रेस व सिटी सहित, प्रोजेक्ट एरिया (स्क्वॉयर मीटर में), जमीन की डिटेल, कांट्रैक्टर का नाम व एड्रेस, आर्किटेक्ट का नाम लाइसेंस नम्बर सहित व एड्रेस, स्ट्रक्चरल इंजीनियर का नाम व एड्रेस, प्रोजेक्ट क्वार्डिनेटर का मोबाइल नम्बर टोटल फ्लोर, टोटल फ्लैट, कवर्ड पार्किग व ओपेन पार्किग की संख्या, अथारिटी से सेक्शन डेट, फायर फाइटिंग अरेजमेंट, ड्रिकिंग वाटर फैसिलिटी, रेनेवल एनर्जी, इमरजेंसी इवैकुएशन सर्विस, एक्सेस डिटेल आफ साइट, पास हुए प्रोजेक्ट प्लान का परमिट नंबर, परमिट डेट, प्रोजेक्ट डयूरेशन मंथ, ओरिजनल स्टार्ट डेट, मॉडिफाइड स्टार्ट डेट व प्रपोज्ड एंड डेट आदि शामिल है. इसके अलावा प्रोजेक्ट के रजिस्ट्रेशन के लिए उसके एरिया के प्रति स्क्वॉयर मीटर निर्धारित फीस भी जमा करनी थी.

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केडीए प्रोजेक्ट्स के रजिस्ट्रेशन की ऑनलाइन फीडिंग में नाम सहित कुछ गड़बड़ी हो गई थी. एनआईसी के जरिए इन्हें सही कराया जा रहा है. शायद इसीलिए रेरा पोर्टल पर हमारे प्रोजेक्ट शो नहीं कर रहे हैं.

- के.विजयेन्द्र पाण्डियन, वीसी, केडीए

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प्रोजेक्ट रजिस्ट्रेशन फीस

रेजीडेंशियल

-- क्0 रुपए प्रति वर्ग मीटर (क्000 वर्ग मीटर एरिया तक)

--भ्00 रुपए प्रति क्00 वर्ग मीटर (क्000 वर्ग मीटर से अधिक एरिया पर)

कॉमर्शियल

-ख्0 रुपए प्रति वर्ग मीटर (क्000 वर्ग मीटर तक)

--क्000 रुपए प्रतिक्00 वर्ग मीटर(क्000 वर्ग मीटर से अधिक रिया पर)

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