आई एक्सक्लूसिव

- मच्छरों से निजात पाने के लिए रेलवे चलाएगा मॉस्कीटो बस्टर एक्सप्रेस ट्रेन

- ट्रेन पर लदे सैकड़ों फॉगिंग टैंकरों से होगी फॉगिंग

GORAKHPUR: मच्छरों के प्रकोप से मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया जैसी गंभीर बीमारियों के फैलाव को देखते हुए रेलवे ने अब मच्छरों से निपटने की व्यापक तैयारी की है. इसके लिए रेलवे मॉस्कीटो बस्टर एक्सप्रेस ट्रेन चलाने जा रहा है. ट्रेन को नगर निगम और रेलवे के साझा प्रयास से चलाया जाएगा. ट्रेन पर रखे हजारों टैंकरों से फॉगिंग कराई जाएगी. चलती ट्रेन से कर्मचारी रेलवे लाइन के दोनों तरफ फॉगिंग करेंगे. इसकी शुरुआत देश की राजधानी दिल्ली से कर दी गई है. जल्द ही इसे एनईआर सहित सभी रेलवे जोन्स में चलाया जाएगा.

बड़ी एरिया में होगी फॉगिंग

रेलवे मॉस्कीटो बस्टर एक्सप्रेस के जरिए मच्छरों से निपटने की कोशिश करेगा. हालांकि रेलवे अधिकारियों की मानें तो इस ट्रेन में बहुत कुछ खास नहीं है. ट्रेन पर फायर ब्रिगेड की तरह ही काफी अधिक संख्या में फॉगिंग टैंकर लगाए जाएंगे. ट्रेन एक शहर से दूसरे शहर तक लंबी दूरी तय करती रहेगी और इस दौरान कर्मचारी फॉगिंग करते जाएंगे. ट्रेन से फॉगिंग की वजह से बड़े एरिया में कम समय में ही फॉगिंग संभव हो सकेगी. हालांकि इससे वे एरियाज अछूते रह जाएंगे जिनसे होकर रेलवे लाइन नहीं गुजरती.

दूर तक होगा असर

फॉगिंग की खास बात है कि इसमें खतरनाक बीमारियों के वायरस को फैलने से रोकने के लिए एक विशेष प्रकार का केमिकल यूज किया जा रहा है. इस केमिकल को इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस बंगलुरू में तैयार किया गया है. इसके अलावा इस केमिकल में खास बात यह भी है कि इसमें स्मेल न के बराबर है और धुआं भी नहीं होगा. यह केमिकल सीधा मच्छरों के पनपने वाले बैक्टीरिया को ही खत्म कर देगा. इससे रेलवे लाइन के आसपास यह फागिंग होगी तो इसका असर काफी दूर तक होगा.

हर जगह नहीं हो पाती फॉगिंग

ऐसे तो शहर में साफ-सफाई से लेकर फागिंग तक की जिम्मेदारी नगर निगम की होती है लेकिन नगर निगम की लापरवाही और उदासीनता की वजह से हर जगह फॉगिंग नहीं हो पाती. जो होती भी है उससे मच्छरों पर कोई खास असर नहीं होता लेकिन अब रेलवे के मॉस्कीटो बस्टर एक्सप्रेस ट्रेन से होने वाली फागिंग का असर काफी दूर तक ही नहीं बल्कि काफी देर तक इसका असर रहेगा.