15 साल पहले हुई थी घटना, पूर्व सांसद अतीक और उनके भाई पूर्व विधायक अशरफ भी हैं आरोपित

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PRAYAGRAJ: नीटू सरदार हत्याकांड की सुनवाई पूर्ण होने व उभयपक्ष के तर्क सुनने के बाद विशेष कोर्ट एमपी/एमएलए के विशेष न्यायाधीश पवन कुमार तिवारी ने 15 दिसंबर तक के लिए निर्णय सुरक्षित कर लिया है. यह मामला 15 साल पुराना है और अभी तक इसमें सुनवाई ही चल रही थी. विशेष कोर्ट में मामला आने के बाद सुनवाई में तेजी आयी और यह फैसले की स्टेज तक पहुंच गया.

ओवरब्रिज पर मारी गयी थी गोली

थाना खुल्दाबाद में दर्ज रपट के अनुसार 23 मई 2003 को लूकरगंज मोहल्ला के पास स्थित ओवरब्रिज पर व्यवसायी नीटू सरदार की हत्या रात्रि 9.20 बजे की गई थी. इस मामले में पूर्व बाहुबली सांसद अतीक अहमद, उनके भाई पूर्व विधायक खालिद अजीम उर्फ अशरफ, अहमद फहीम उर्फ जैद, मो. जाकिर, मो. कैफ उर्फ कैफी उर्फ कैफिउद्दीन, शेरू को नामजद किया गया था. पुलिस ने विवेचना के बाद आरोप पत्र पेश किया. सहायक शासकीय अधिवक्ता राजेश गुप्ता, ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी हरि ओंकार, राधाकृष्ण, लालचंदन ने गवाह गौतम, विन्देश्वरी प्रसाद, जतिंदर कौर, परमजीत कौर, परमजीत सिंह, जगमोहन सिंह, अरविन्दर सिंह, गुरजीत कौर, परमजीत सिंह, जगमोहन सिंह, अरविन्दर सिंह, गुरजीत सिंह, हरजीत सिंह, डॉ. कपिल दुबे, मो. रईस, मो. इमरान की गवाही पेश की. उभयपक्ष की ओर से अपने-अपने तर्क प्रस्तुत किए. कोर्ट ने सभी तथ्यों को सुनने के बाद फैसला सुनाने की तिथि 15 दिसंबर मुकर्रर कर दी.

अशरफ की पत्रावली अलग करके हुआ था कुर्की का आदेश

बता दें कि नीटू सरदार हत्याकांड में आरोपित पूर्व विधायक खालिद अजीम उर्फ अशरफ के फरार होने के कारण विशेष कोर्ट ने 13 सितंबर 18 को अशरफ की पत्रावली अलग करके सुनवाई किए जाने का आदेश दिया था. उनके यहां कुर्की की कार्रवाई भी हो चुकी है. इसके बाद भी वह अब तक पकड़ से बाहर हैं. इसके अलावा सह अभियुक्त शेरू के बारे में खुल्दाबाद पुलिस ने रिपोर्ट दिया कि उसकी हत्या 26 अप्रैल 10 को की जा चुकी है. कोर्ट ने उसके विरुद्ध कार्यवाही समाप्त कर दिया है. कोर्ट ने देवरिया जेल में बंद पूर्व सांसद अतीक अहमद व सह अभियुक्त को 15 दिसंबर को कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया है.