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-शहरी एरिया के कमर्शियल कस्टमर के मीटर में छेड़छाड़ पर अंकुश लगाने की शुरू हुई कवायद

-मीटर रीडिंग इंस्ट्रूमेंट यानी एमआरआई से जानेंगे बिजली मीटर का हाल

dhruva.shankar@inext.co.in

ALLAHABAD: अगर आप शहरी एरिया के कॉमर्शियल कस्टमर हैं और अपने मीटर में किसी भी तरह की छेड़छाड़ करते हैं तो पावर कारपोरेशन ने उस पर पूरी तरह से अंकुश लगाने की दिशा में आगे बढ़ चुका है. जिस तरह से किसी इंसान के शरीर के अंगों की जांच के लिए एमआरआई मशीन की सहायता ली जाती है. ठीक उसी तर्ज पर मीटर रीडिंग इन्स्ट्रूमेंट यानि एमआरआई से कॉमर्शियल कस्टमर्स के मीटर की जांच कराई जाएगी. इसके जरिए चाहे पोल हो या संबंधित कमर्शियल कस्टमर के परिसर में लगा हुआ मीटर हो. उसमें की जाने वाली छेड़छाड़ को पकड़ा जाएगा.

नोडल आफिसर ने सुनाया फरमान

सरकार की उदय योजना के अन्तर्गत पहले चरण में इलाहाबाद के शहरी एरिया के कॉमर्शियल कस्टमर के मीटर में एमआरआई के जरिए पकड़ने की योजना बनाई गई है. इसको लेकर आठ अगस्त को हाइडिल कालोनी के सभागार में योजना के नोडल आफिसर व निदेशक कमर्शियल अंशुल अग्रवाल ने सभी डिवीजन के अधिशाषी अभियंताओं के साथ बैठक की थी. बमरौली डिवीजन के अधिशाषी अभियंता जीसी यादव की मानें तो बैठक में सभी डिवीजन में इसी महीने से यह व्यवस्था लागू किए जाने का निर्देश दिया गया है.

दोनों मीटर की कराई जाएंगी जांच

शहरी एरिया में दस किलोवाट व उससे ऊपर के कमर्शियल कस्टमर के यहां लगाए गए दोनों मीटरों की जांच एमआरआई से कराई जाएगी. इसकी बड़ी वजह यही है कि पोल पर लगे मीटर और कस्टमर के प्रतिष्ठान में लगे मीटर की रीडिंग के अंतर की मशीन से जांच पड़ताल कराई जाएगी. टैगोर टाउन सब स्टेशन के एसडीओ विजय तिवारी ने बताया कि जांच में यह देखा जाएगा कि दोनों मीटर की रीडिंग, बिजली की खपत या किसी तरह की छेड़छाड़ तो नहीं की गई है.

महत्वपूर्ण तथ्य

-10 किलोवाट या उससे अधिक के कमर्शियल कस्टमर के मीटर की जांच एमआरआई से कराई जाएगी इसी महीने से शहरी एरिया में.

-01 लाख 25 हजार के करीब है ऐसे कस्टमर्स की संख्या शहरी एरिया के बमरौली, टैगोर टाउन, रामबाग, नैनी, म्योहाल, कल्याणी देवी व करेलाबाग डिवीजन के अन्तर्गत.

-12 तारीख तक मिलेगा बिजली का बिल. महीने के पहले सप्ताह में ऐसे कस्टमर के मीटर की जांच कराई जाएगी.

शहरी एरिया में शत-प्रतिशत कॉमर्शियल कस्टमर के मीटरों की जांच योजना पर काम चल रहा है. इसके लिए पहले चरण में दस किलोवाट या उससे अधिक के कस्टमर की मीटरों की जांच नियमित कराने का निर्देश सभी डिवीजन के अधिशाषी अभियंताओं को दिया गया है.

-अंशुल अग्रवाल, डायरेक्टर कॉमर्शियल व नोडल ऑफिसर