धोनी की धीमी बल्‍लेबाजी बनी हार का कारण
राजकोट टी-20 में खराब और धीमी बल्‍लेबाजी के चलते भारतीय टीम को हार का मुंह देखना पड़ा। न्‍यूजीलैंड द्वारा मिले 197 रन के लक्ष्‍य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम निर्धारित ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर 156 रन ही बना सकी। और भारत को 40 रन से शिकस्‍त झेलनी पड़ी। इस हार का जिम्‍मेदार पूर्व कप्‍तान एमएस धोनी को माना जा रहा। धोनी ने इस मैच में बहुत धीमी बल्‍लेबाजी की जिसकी वजह से रन रेट काफी बढ़ गया और टीम दबाव में आ गई।
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धोनी की जगह किसी युवा खिलाड़ी को मिले मौका
मैच के बाद पूर्व दिग्‍गज खिलाड़ी और माही के साथ खेल चुके वीवीएस लक्ष्‍मण ने कहा कि, अब वक्‍त आ चुका है कि धोनी को टी-20 में जगह खाली कर देनी चाहिए। टी20 मैचों में धोनी चार नंबर पर आते हैं। उन्‍हें गेंद पर नजर जमाने में थोड़ा वक्‍त लगता है और उसके बाद वे अपनी जिम्‍मेदारी निभाते हैं। राजकोट मैच में जब विराट कोहली का स्‍ट्राइक रेट 160 के करीब था तब धोनी का स्‍ट्राइक रेट 80 के आसपास था। धोनी को 16 रन बनाने में 18 गेंद लग गईं जोकि टी-20 फॉर्मेट में बिल्‍कुल फिट नहीं बैठता। लक्ष्‍मण ने आगे कहा, कि मुझे लगता है कि समय आ गया है कि धोनी टी20 फॉर्मेट में किसी युवा खिलाड़ी के लिए स्‍थान खाली करें।
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आगरकर भी धोनी को नहीं मानते फिट
लक्ष्‍मण के अलावा एक और पूर्व खिलाड़ी अजीत आगरकर भी धोनी को टी-20 में फिट नहीं मानते। आगरकर के मुताबिक, वनडे में धोनी जो भूमिका निभा रहे हैं वह उससे खुश हो सकते हैं लेकिन टी-20 के लिए नहीं। जब वह टीम के कप्‍तान थे तो अलग बात थी, केवल एक बल्‍लेबाज के रूप में टीम इंडिया उन्‍हें शायद मिस न करे। इसके साथ ही आगरकर ने आगे कहा कि, धोनी को अब सेटल होने में थोड़ा वक्‍त लगता है, वह जमाना चला गया जब वह पहली गेंद से ही चौके-छक्‍के उड़ाने लगे।

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