2 अप्रैल का दिन है माही के लिए खास
भारतीय क्रिकेट टीम के बड़े सितारे महेंद्र सिंह धोनी को पद्मभूषण से सम्मानित किया गया। देश के राष्ट्रपित महामहिम रामनाथ कोविंद ने उन्हें ये सम्मान दिया। इस सम्मान को ग्रहण करने आए भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान धोनी ने लेफ्टिनेंट कर्नल का ड्रेस पहना था और इस ड्रेस में उन्होंने इस सम्मान को ग्रहण किया। पद्मभूषण को देश का तीसरा सबसे बड़ा सम्मान कहा जाता है। भारत को 1983 के बाद 2 अप्रैल 2011 में धोनी ने दूसरी बार क्रिकेट का विश्व चैंपियन बनाया था। ये एक संयोग है कि धोनी को इसी यादगार दिन ये सम्मान हासिल हुआ।
सेना की वर्दी पहनकर पद्म भूषण लेने क्‍यों पहुंचे धोनी? 15,000 फीट ऊंचाई से लगा चुके हैं छलांग
धोनी को मिली है लेफ्टिनेंट कर्नल की मानद उपाधि
साल 2011 में भारत को वर्ल्‍ड कप जिताने के बाद महेंद्र सिंह धोनी क्रिकेट जगत के बड़े सितारे बन गए। उन्‍हें वो सबकुछ मिला, जिसकी उन्‍होंने चाह रखी थी। इस बीच उनका बचपन का एक सपना भी पूरा हुआ, जब वे आर्मी अफसर बन गए। इसी साल प्रादेशिक सेना ने धोनी को लेफ्टिनेंट कर्नल की मानक उपाधि से नवाजा था। धोनी का सपना था कि वह भी आर्मी ज्‍वॉइन करते हालांकि वह सीधे तौर पर न सही, ऑनरेरी ले.कर्नल बन गए। भारतीय सेना का हिस्सा बनने के बाद धोनी को वो सारी सुविधाएं मिलती हैं जो सेना के एक जवान को मिलती है। धोनी को इससे पहले पद्मश्री से सम्मानित किया जा चुका है। सोमवार को जब राष्‍ट्रपति भवन में पद्म पुरस्‍कार वितरित किए गए। तब माही ने सामान्‍य ड्रेस की बजाए आर्मी की पोशाक पहनकर पद्म भूषण ग्रहण किया।
सेना की वर्दी पहनकर पद्म भूषण लेने क्‍यों पहुंचे धोनी? 15,000 फीट ऊंचाई से लगा चुके हैं छलांग
वर्दी पहनकर 15,000 फीट की ऊंचाई से लगाई थी छलांग
धोनी को सेना की वर्दी भले ही सम्‍मान के तौर पर मिली हो, मगर माही ने वर्दी पहनकर कड़ी ट्रेनिंग भी ली है। तीन साल पहले की बात है जब आगरा स्‍थित भारतीय सेना के पैरा रेजिमेंट से धोनी ने पैरा जंप लगाया था। उन्होंने पैरा ट्रूपर ट्रेनिंग स्कूल से ट्रेनिंग लेने के बाद करीब 15,000 फ़ीट की ऊंचाई से पांच छलांगें लगाईं थीं। इसमें एक छलांग रात में लगाई गई थी। धोनी पैरा जंप लगाने वाले पहले स्‍पोर्ट्स पर्सन हैं।

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