-डॉक्टर्स की कोशिशें हुई नाकाम, रविवार दोपहर दम तोड़ा

-देरशाम पीजीआई एरिया स्थित घर लाया गया शव

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LUCKNOW/KANPUR : घरेलू कलह से तंग आकर जहर खाने वाले 2014 बैच के आईपीएस सुरेंद्र दास आखिरकार मौत से चल रही जंग हार गए. कानपुर के रीजेंसी अस्पताल में रविवार दोपहर उन्होंने अंतिम सांस ली. जहर के असर से उनके दिल ने काम करना बंद कर दिया था. एक्मो मशीन से उसे ठीक करने की कोशिश की गई लेकिन, सफलता नहीं मिली. देरशाम पोस्टमार्टम के बाद सुरेंद्र का शव लखनऊ लाया गया. जहां परिजनों ने पत्‍‌नी रवीना व उसके परिजनों पर सुरेंद्र को प्रताडि़त करने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराने की बात कही है.

पत्‍‌नी से झगड़े के बाद खाया जहर

मूलरूप से बलिया के भरौली निवासी आईपीएस सुरेंद्र दास का परिवार लखनऊ में पीजीआई एरिया स्थित एकतानगर में रहता है. सुरेंद्र ने बुधवार तड़के कैंट थाने के पास स्थित अपने सरकारी आवास में पत्नी डॉ. रवीना से झगड़े के बाद जहरीला पदार्थ खा लिया था. डॉ. रवीना उन्हें पहले उर्सला अस्पताल ले गईं, जहां से लाकर रीजेंसी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. डाक्टरों ने वेंटीलेटर पर रखकर उनका इलाज शुरू किया था. बाद में मुंबई से आई विशेषज्ञ डाक्टरों की टीम ने एक्मो मशीन के जरिए उनके आंतरिक अंगों को बचाने की कवायद शुरू की थी लेकिन, शनिवार को उनके पैर में रक्त प्रवाह रुक गया था.

बिगड़ती गई हालत

सीएमएस डॉ.राजेश अग्रवाल के मुताबिक, शनिवार शाम ऑपरेशन कर सुरेंद्र दास के पैर का ब्लड सर्कुलेशन ठीक किया गया था लेकिन, देर शाम जहर के असर से उनकी किडनी व लिवर ने काम करना बंद कर दिया. रविवार सुबह अचानक दिल ने भी काम करना बंद कर दिया. दोपहर 12.19 बजे उन्होंने दम तोड़ दिया. बेटे की मौत की खबर सुनकर मां इंदूदेवी, बहन सावित्री और पत्नी रवीना बेसुध हो गईं. सूचना पर पुलिस व प्रशासन के तमाम अधिकारियों के साथ ही उनके बैचमेट अफसर भी अस्पताल पहुंचे. करीब तीन बजे पोस्टमार्टम कराकर शव को पुलिस लाइन लाया गया जहां उन्हें श्रद्धांजलि देकर 'शोक शस्त्र' सलामी दी. शाम पांच बजे शव को लखनऊ उनके घर रवाना किया गया.

टाइमलाइन

5 अगस्त: आईपीएस सुरेंद्र ने कानपुर के कैंट स्थित घर में जहर खाया, हॉस्पिटल में एडमिट

6 अगस्त: मुंबई से विशेषज्ञ डॉक्टर्स की टीम चार्टर्ड फ्लाइट से कानपुर पहुंची

6 अगस्त: एक्मो मशीन लगाई गई, ब्लड बदलने की प्रक्रिया शुरू

8 अगस्त: सुरेंद्र दास की हालत बिगड़ी, डीजीपी ओपी सिंह देखने पहुंचे

9 अगस्त: दोपहर 12.19 बजे रीजेंसी हॉस्पिटल के आईसीयू में दम तोड़ा

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'पत्नी करती थी प्रताडि़त, दर्ज कराएंगे एफआईआर'

-सुरेंद्र का शव पहुंचने पर बिफरे परिजन

-पत्‍‌नी व उसके परिजनों पर लगाए गंभीर आरोप

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LUCKNOW (9 Sept): आईपीएस सुरेंद्र दास के भाई ने उसकी पत्‍‌नी रवीना व परिजनों पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि रवीना व उसके परिजन सुरेंद्र को उन लोगों से संबंध न रखने के लिये दबाव बनाते थे और ऐसा न करने पर उन्हें प्रताडि़त किया जाता था. इसी से तंग आकर सुरेंद्र ने जहर खाकर सुसाइड किया है. उन्होंने कहा कि वे भाई के अंतिम संस्कार के बाद रवीना व उसके परिवारीजनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएंगे.

शादी के अगले ही दिन लौट गई घर

आईपीएस सुरेंद्र दास का शव रविवार देरशाम उनके पीजीआई एरिया के एकतानगर में गंगा विहार कॉलोनी स्थित घर लाया गया. शव के साथ उनकी पत्‍‌नी डॉ. रवीना, उसके पिता डॉ. रावेंद्र और अन्य परिजन भी थे. रवीना व उसके परिजनों को देखते ही सुरेंद्र के परिजन बिफर पड़े. बड़े भाई नरेंद्र दास ने बताया कि सुरेंद्र के आईपीएस में सेलेक्ट होने के बाद बीती 9 अप्रैल 2017 को मेट्रीमोनियल वेबसाइट के जरिये रवीना के साथ शादी हुई थी. पर, विदा होकर घर आने के अगले ही दिन रवीना हंगामा कर वापस कानपुर स्थित मायके लौट गई. उसे उनका लिविंग स्टैंडर्ड पसंद नहीं था. काफी मान-मनौव्वल के बाद रवीना रिसेप्शन में शामिल होने के लिये सीधे कानपुर से कार्यक्रम स्थल पहुंची थी.

संबंध खत्म करने का बनाती थी दबाव

नरेंद्र ने बताया कि रवीना शादी के बाद से ही सुरेंद्र पर दबाव बनाती थी कि वह अपनी मां और अन्य परिवारीजनों से संबंध तोड़ ले. हर बार सुरेंद्र रवीना को समझाने की कोशिश करता लेकिन, वह उसे लगातार प्रताडि़त करती रहती थी. इसी प्रताड़ना की वजह से बीते तीन महीनों से सुरेंद्र ने अपनी मां तक से बात नहीं की. नरेंद्र ने बताया कि शादी के तीन महीने बाद ही सुरेंद्र ने घर आकर कहा था कि वह रवीना से तलाक ले लेगा, लेकिन उन लोगों ने ही उसे समझाया कि समय के साथ रवीना का व्यवहार बदल जाएगा. पर, उसकी हरकतें बढ़ती चली गई. नरेंद्र ने कहा कि रवीना व उसके परिजनों की प्रताड़ना से तंग आकर ही उनके भाई ने जहर खाकर सुसाइड किया है. इसलिए, वे अंतिम संस्कार के बाद एफआईआर दर्ज कराएंगे.

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बेटे की तरह पाला

मृतक सुरेंद्र दास परिवार में सबसे छोटे थे. पिता स्व. रामचंद्र दास सेना से हवलदार पद से रिटायर हुए थे. वर्ष 2008 में उनका देहांत हो गया. पहले सुरेंद्र पैतृक घर बलिया में रहते थे और वहीं के जवाहर नवोदय विद्यालय में हाईस्कूल पास करने के बाद वे भाई नरेंद्र के पीजीआई के एकतानगर में गंगा विहार कॉलोनी स्थित घर पर ही रहने लगे. फैब्रिकेशन कारोबारी नरेंद्र ने ही सुरेंद्र को बेटे की तरह पाला और उनकी पढ़ाई का खर्च उठाया. अवध कॉलेजिएट से इंटरमीडिएट और फिर आईआईटी खड़गपुर से बीटेक इलेक्ट्रिकल की पढ़ाई पूरी करने के बाद वर्ष 2014 में सुरेंद्र आईपीएस में सेलेक्ट हो गए. भाई नरेंद्र का त्याग और मेहनत सफल हो चुकी थी. लेकिन, शादी के बाद रवीना ने सुरेंद्र को उनके पिता जैसे भाई और मां तक से संबंध तोड़ने को लेकर दबाव बनाना शुरू कर दिया था. जिसे लेकर वे बेहद तनाव में रहते थे.