ranchi@inext.co.in
RANCHI:  पीजी डिग्री है नहीं, बना दिया सीनियर रेजिडेंट. यह मामला जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल से जुड़ा है. इस संबंध में आरटीआई के मार्फत मुख्यमंत्री जनसंवाद में शिकायत भेजी गई थी. लेकिन इस मामले को जनसंवाद ने बंद कर दिया. जनसंवाद में सुनवाई नहीं होने के बाद आरटीआई एक्टिविस्ट ने मामले को मेडिकल कौंसिल ऑफ इंडिया के पास भेजा. मेडिकल कौंसिल ऑफ इंडिया ने इस मामले में जांच का निर्देश दिया है.

क्या है मामला
एमजीएम अस्पताल(जमशेदपुर) के डॉ. मृत्युंजय सिंह की अवैध तरीके से सीनियर रेजिडेंट के पद पर हुई नियुक्ति के खिलाफ मुख्यमंत्री जनसंवाद केंद्र में शिकायतवाद संख्या 2017-35456 (दिनांक: 17/08/2017) दर्ज कराया गया था. इसमें कहा गया था कि डॉ. मृत्युंजय सिंह के पास पीजी की डिग्री नहीं है. फिर सीनियर रेजिडेंट के पद पर वह कैसे काम कर रहे हैं. क्योंकि मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के अनुसार सीनियर रेजिडेंट के लिए पीजी की डिग्री होना अनिवार्य है. मामले में एमजीएम कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अमिताभ चन्द श्रीवास्तव अखौरी द्वारा चार दिसंबर, 2017 को रेजिडेंट पद की नियमावली की प्रति उपलब्ध कराई गई. जबकि मामला सीनियर रेजिडेंट पद से संबंधित था.

रीना नैय्यर मामले में खुद कार्रवाई कर रही

शिकायतकर्ता दर्श चौधरी ने मुख्यमंत्री से डॉ. मृत्युंजय सिंह की नियुक्ति प्रक्रिया एवं पीजी डिग्री की जांच कराने की मांग की थी. जिसे अनदेखा करते हुए जन संवाद द्वारा सात फरवरी, 2018 को शिकायत बंद कर दिया गया. शिकायतकर्ता ने इस मामले को एमसीआई के पास भी उठाया था, जिसपर संज्ञान लेते हुए डॉ. मृत्युंजय सिंह के खिलाफ उचित कार्रवाई करने का आदेश जनवरी, 2018 में एमसीआई ने बिहार कौंसिल ऑफ मेडिकल रजिस्ट्रेशन के सचिव को दिया था. अब एमसीआई की सचिव डॉ. रीना नैय्यर मामले में खुद कार्रवाई कर रही हैं.

डिप्लोमाधारी हैं डॉ मृत्युंजय
डॉ. मृत्युंजय सिंह एनेस्थीसिया में केवल तीन महीने डिप्लोमा है. उसके अनुसार उनकी नियुक्ति ग्रामीण क्षेत्र में होनी चाहिए थी, मगर विभागीय स्तर के अधिकारियों को रिश्वत खिलाकर एमएमजी अस्पताल में सीनियर रेजिडेंट बन गए. मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा मामले में संज्ञान लिया गया और जांच शुरू कर दी गई है.

जनसंवाद में ये मामले भी
मैंने एनएच में घटिया निर्माण पर जनसंवाद में शिकायत दर्ज कराई थी. पर, इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई.
कृष्णा गौंझू, रांची

मैंने पुलिस बहाली में आवेदन दिया था. आवेदन की प्रक्रिया को फुलफिल भी किया. लिखित और दौड़ परीक्षा भी कंप्लीट की, लेकिन अबतक मेरी बहाली नहीं हुई.
अभिषेक राज, धनबाद

मैंने गिरिडीह जिला से झारखंड पुलिस बहाली की सारी प्रक्रिया पास की, लेकिन मेरी ज्वाइनिंग नहीं हुई. मेरी उम्र सीमा भी समाप्त हो चुकी है.
अमित कुमार, जामताड़ा