- शहर में कई स्थानों पर चल रही हैं अवैध पार्किंग

- नो जोन वाहनों की पार्किंग से लगता है रोड पर जाम

आगरा. केंद्र और प्रदेश सरकार चाहे जितना प्रयास कर ले मगर सिटी के प्रशासनिक अफसरों पर कोई फर्क नहीं पड़ने वाला. सिटी में हर ओर अव्यवस्थाओं का बोलबाला है. योजनाएं बनती तो बहुत हैं मगर अमल में नहीं आ पातीं. बस जनता लॉलीपॉप देखकर ही खुश हो जाते हैं. ताज नगरी को एक हजार करोड़ रुपये खर्च कर स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किया जाना है. इसके लिए 40 प्रोजेक्ट पर कार्य किया जाना है, लेकिन स्मार्ट सिटी में मल्टीलेवल पार्किंग का कोई अतापता नहीं है. स्थिति ये है कि शहर के कई स्थानों में नो पार्किंग जोन में भी वाहनों को पार्किग करने रोड पर जाम की स्थिति बन जाती है. इसके चलते ट्रैफिक जाम की समस्या बनी रहती है.

मल्टीलेवल पार्किंग का प्रपोजल फाइलों में बंद

सिटी में मल्टीलेवल पार्किंग का प्रपोजल फाइलों में बंद होकर रह गया है. आपको बता दें कि गत वर्षो में सिटी के कुछ चुनिंदा क्षेत्र में मल्टीलेवल पार्किंग के लिए प्रपोजल तैयार किया गया था. इसको लेकर कई बार मीटिंग हुई, लेकिन बात आगे नहीं बढ़ सकी. आपको बता दें कि मौजूदा समय में शहर में विभिन्न वर्गो में 255 पार्किंग स्थल हैं. इसमें ज्यादातर ठेके नगर निगम उठाता है. अभी हाल ही में नगर निगम ने 65 पार्किंग स्थलों के ठेके उठाए थे. इसमें भगवान टॉकीज क्षेत्र में आठ, रामबाग क्षेत्र 12, सिकंदरा में 10, संजय प्लेस में 9 इस प्रकार सिटी में 253 पार्किंग स्थल हैं.

पार्किंग न होने से रोड पर लगता है जाम

सिटी में पार्किंग स्थल न होने पर आए दिन रोड पर जाम की स्थिति बनी रहती है. इसमें शाह मार्केट में रोड पर पार्किंग होती है. इन्द्रापुर्म, न्यू आगरा, पश्चिमपुरी, शास्त्रीपुर्म चौराहा, वाटर व‌र्क्स, भगवान टॉकीज, एत्माद्उद्दौला क्षेत्र, अकबर टॉम्ब आदि क्षेत्र में पार्किंग सजती हैं. इसके अलावा किनारी बाजार, दरेसी बाजार, सुभाष बाजार, सदर बाजार आदि क्षेत्रों में रोड पर जगह तक नहीं रहती है.

ताज के पास पार्किंग को एनओसी की दरकार

ताज के पास एक किमी. के दायरे में शिल्पग्राम के पास निर्माणाधीन मल्टीलेवल पार्किंग को सुप्रीम कोर्ट की एनओसी की दरकार है. आपको बता दें कि वर्ष 2016 में पर्यटन विभाग ने ओरिएंटेशन सेंटर का निर्माण शुरु किया था. इसमें मल्टीलेवल पार्किंग का प्रस्ताव भी शामिल था. इसमें ताज प्रोजेक्ट के तहत 231.85 करोड़ का प्रस्ताव तैयार किया गया था. इस दौरान ओरिएंटेशन सेंटर के निर्माण के लिए शासन द्वारा 30 करोड़ रुपये जारी किए थे. इसमें पर्यटन विभाग ने सुप्रीम कोर्ट से 11 पेड़ काटने की अनुमति मांगी थी, लेकिन पर्यटन विभाग को अनुमति नहीं मिली थी. विभाग ने ताज प्रोजेक्ट के तहत कार्य शुरू कर दिया था. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने पर्यटन विभाग को तुरन्त कार्य बंद करने के निर्देश दिए. साथ ही 330 पेड़ लगाने का जुर्माना ठोंक दिया. साथ ही मल्टीलेवल पार्किंग के कार्य को बंद करने के आदेश किए थे. आपको बता दें कि मई 2017 में पर्यटन मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने इस स्थल का दौरा किया था. उस दौरान ओरिएंटेशन सेंटर प्रोजेक्ट को निरस्त कर दिया. पर्यावरण मंत्रालय की टीम ने भी दौरा किया था.

मल्टीलेवल पार्किग के निर्माण पर एक नजर

फैक्ट फाइल

-231.85 करोड़ की लागत से ओरिएंटेशन सेंटर का निर्माण इसमें मल्टीलेवल पार्किंग भी शामिल थी.

-शासन ने 30 करोड़ रुपये रिलीज किए थे.

-9.21 करोड़ मल्टीलेवल पार्किंग पर खर्च हुए

-पर्यटन विभाग ने 11 पेड़ काटने की मंजूरी मांगी थी

-8 मई 2017 को मल्टीलेवल पार्किंग को बनाने की मंजूरी

शहर में पार्किंग की स्थिति

- सात वर्गो में शहर में कुल 255 पार्किंग स्थल

-स्मार्ट सिटी के तहत ये कार्य किए जाएंगे.

एबीडी के तहत होंगे ये कार्य

-ई-टॉयलेट का निर्माण

-हेल्थ सेंटरों की स्थापना

-सीवेज सिस्टम में सुधार

-ड्रेनेज सिस्टम में सुधार

-नगर निगम के स्कूलों की व्यवस्था को दुरुस्त करना

स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट पर एक नजर

कुल प्रोजेक्ट: 2133 करोड़

एबीडी एरिया वाइज डेवलपमेंट: 1699 करोड़

- पैन सिटी: 434 करोड़

- 40 प्रोजेक्ट पर खर्च होंगे एक हजार करोड़

- 3.81 करोड़ रुपये स्ट्रीट वेंडिंग जोन

- 3.17 करोड़ हेरिटेज वॉक

- 6.13 करोड़ चौराहों का सौन्दर्यीकरण

-2.85 करोड़ ताज के दो किमी के दायरे में विकास कार्य, 5.52 करोड़ ताज के इर्द-गिर्द पौधरोपण के कार्य बड़ा सवाल ये है कि इसमें मल्टीलेवल पार्किंग को शामिल नहीं किया गया है.