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UTTARAKASHI : डुंडा तहसील इलाके में बच्ची के साथ दुष्कर्म कर हत्या की घटना को अंजाम देने के मामले में एसआईटी ने 300 पेज की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी है। इसमें डीएनए रिपोर्ट सहित महत्वपूर्ण साक्ष्यों को भी शामिल किया गया है। इसके साथ ही एसआईटी टीम ने जांच के दौरान कुछ धाराओं में भी परिवर्तन किया है।

धाराओं में किया परिवर्तन

17 अगस्त को डुंडा तहसील के एक गांव में 11 साल की बालिका के साथ घटी घटना के मामले में बुधवार को एसआईटी ने 300 पेज की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। जांच के दौरान कुछ धाराओं में भी परिवर्तन किया गया। धारा 376 को अब 376 ए में परिवर्तित किया गया है। 376 ए धारा में फांसी की सजा का भी प्रावधान है। मृतक बालिका 12 साल से छोटी होने (3/4 पॉक्सो) को अब 5/6 पॉक्सो किया गया है। इसके साथ ही धारा 201 भी बढ़ाई गई है। एसआईटी टीम में जांच अधिकारी मनोज ठाकुर, धरासू थाना निरीक्षक रविंद्र यादव, कोतवाली प्रभारी महादेव उनियाल, एसआई मनीषा नेगी, एसआई संदीप रावत शामिल हैं। जांच टीम ने घटना से जुड़े कई लोगों के बयान दर्ज कराए हैं। मजिस्ट्रेट के सामने 164 के तहत मृतक बालिका की बड़ी बहन और एक अन्य युवती के बयान भी एसआईटी ने दर्ज कराए हैं।

25 मीटर घसीटा था शव
एसआईटी टीम के सदस्य एवं कोतवाली प्रभारी महादेव उनियाल ने बताया कि जांच के दौरान यह भी बात सामने आई है कि जब आरोपित मुकेश उर्फ बंटी ने सोई हुई बालिका को गोद में उठाया था, तब बालिका की हल्की सी नींद खुली थी, लेकिन फिर से वह उसकी गोद में ही सो गई थी। जब बंटी को ठोकर लगी, तब बच्ची का सिर पत्थर पर लगा था और वह रोने लगी थी। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने मारने के बाद 25 मीटर तक बालिका के शव को घसीटा था। घटना के दूसरे दिन 19 अगस्त को आरोपित ने डुंडा से दो समाचार पत्र लिए थे। आरोपित के अनपढ़ होने के कारण वह डुंडा में एक वेङ्क्षल्डग का कार्य करने वाले श्रमिक के पास गया था तथा अखबार दिखाकर पूछा था कि घटना को अंजाम देने वालों के खिलाफ पुलिस क्या कर रही है।

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