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धूमनगंज एरिया के नीम सराय इलाके में सोमवार की रात सनसनीखेज वारदात सामने आयी. एक पति ने पत्‍‌नी और तीन बेटियों को मौत के घाट उतारने के बाद खुद फांसी लगा ली. इस घटना का खुलासा होने पर मोहल्ले के लोग सन्नाटे में आ गए. आनन-फानन में पुलिस अफसर मौके पर पहुंच गये. घर के भीतर प्रवेश करने के लिए पुलिस को दरवाजा तोड़वाना पड़ गया. इस सूचना ने पुलिस अफसरों के कान खड़े कर दिये. एडीजी एसएन साबत, आईजी मोहित अग्रवाल, एसएसपी नितिन तिवारी के साथ सभी बड़े अफसर मौके पर पहुंच गये. देर रात तक पुलिस ने स्पॉट को चाराें तरफ से घेर लिया. घर के भीतर जाने की इजाजत किसी को नहीं थी.

बॉडी देखकर सिहर उठे लोग
घटना को अंजाम देने वाले युवक का नाम मनोज कुशवाहा बताया गया है. वह धूमनगंज थाना क्षेत्र के शाहउर पीपलगांव में रहता था. दरवाजा तोड़कर घर के भीतर घुसी पुलिस के साथ स्थानीय लोगों के लिए भी सामने का नजारा दिल दहला देने वाला था. सामने मनोज फांसी पर लटका हुआ था. मनोज की पत्‍‌नी श्वेता की बाडी टुकड़ों में काटकर फ्रिज के भीतर रखी हुई थी. एक बेटी को आलमारी के अंदर और दूसरी बेटी को अटैची में बंद करके रखा गया था. तीसरी बच्ची खून से लतपथ जमीन पर पड़ी थी. यह दृश्य देखकर सबकी आंखें फट पड़ीं. स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गयी. तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गयीं. जितने मुंह उतनी बातें लेकिन यह स्पष्ट नहीं हो सका कि मर्डर क्यों किया गया होगा.

भाई की पत्‍‌नी को पता ही नहीं चला
शाहउर पीपलगांव के गुलाब चंद कुशवाहा के तीन बेटे हैं. गुलाब चंद किसानी करते हैं और उनके पास अच्छी खासी सम्पत्ति है. खेती से होने वाली आय ने उनका परिवार समृद्ध था. उनका बड़ा बेटा कल्लू साथ नहीं रहता जबकि बीच का मनोज और छोटा गोपाल परिवार के साथ इसी मोहल्ले में बने मकान में रहते हैं. पिता गुलाबचंद के अनुसार आज दिन में ही वह पत्‍‌नी और बेटे गोपाल के साथ बाहर गये थे. उसके बाद मनोज का परिवार और गोपाल की पत्‍‌नी ही घर में रह गयी थीं. वे लोग जब घर से निकले थे तब सब कुछ सामान्य था. किसी को अंदाजा भी न था कि काल कैसे उनके परिवार को बर्बाद करने के लिए नजर गड़ाये बैठा है.

शाम को लौटे तो बदला था नजारा
गुलाबचंद के अनुसार उन लोगों को लौटने में देर हो गयी. रात में घर पहुंचकर उन्होंने दरवाजा पीटना शुरू किया तो भीतर से कोई रिस्पांस नहीं मिला. काफी कोशिश के बाद भी अंदर से कोई हलचल नहीं हुई तो वे परेशान हो उठे और प्रधान को इसकी सूचना दी. प्रधान के साथ मोहल्ले के लोग जुट गये. प्रधान ने फोन करके पुलिस को सूचना दी तो फोर्स के साथ इंस्पेक्टर धूमनगंज मौके पर पहुंचे. उनकी देख रेख में घर का दरवाजा तोड़ा गया तो पूरे परिवार के साथ परिवार वालों के पैरों तले से जमीन खिसक गयी. घर में मौजूद गोपाल की पत्‍‌नी भी ज्यादा कुछ बता पाने की स्थिति में नहीं थी. उसका कहना था कि वह अपने कमरे में थी और उसे कुछ सुनाई ही नहीं दिया. इसके बाद पुलिस वालों ने पूरे परिवार के सदस्यों को घर के भीतर करके मीडिया समेत मोहल्ले के लोगों को वहां से बाहर कर दिया. समाचार लिखे जाने के समय तक पुलिस का कोई अधिकारी अधिकृत रूप से बताने या बयान देने सामने नहीं आया था.

मृतक

मनोज कुशवाहा उर्फ भुल्लू 35 वर्ष

श्वेता पत्‍‌नी मनोज 30 वर्ष

प्रीती पुत्री मनोज 08 वर्ष

शिवानी पुत्री मनोज 06 वर्ष

श्रेया पुत्री मनोज 03 वर्ष