-होलागढ़ थानाक्षेत्र में दिनदहाड़े दिया घटना को अंजाम

-जानकारी होते ही पीएम हाउस पहुंचे साथी अधिवक्ताओं का हंगामा

-सुरक्षा की दृष्टि से इलाके में तैनात की गई भारी फोर्स


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ALLAHABAD : होलागढ़ थाना क्षेत्र के मुकुंदपुर बंतरी गांव में रविवार दोपहर युवा अधिवक्ता रवि तिवारी उर्फ राहुल की गोली मारकर हत्या कर दी गई. दिनदहाड़े हुई इस घटना से इलाके में सनसनी फैल गई. जब तक पुलिस मौके पर पहुंचती, उसके पहले ही हत्यारे फरार हो चुके थे.

इस हत्याकांड के बाद पुलिस चार आरोपितों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है. वहीं प्रथमदृष्टया पुलिस को पूछताछ में हत्या के पीछे भूमि विवाद की बात सामने आई है. घटना की जानकारी होते ही साथी अधिवक्ता पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए और बीस लाख रुपए मुआवजा की मांग करते हुए हंगामा किया. उधर इस घटना के बाद सुरक्षा के लिहाज से फोर्स तैनात की गई है.


जमीन से जुड़ा विवाद

होलागढ़ थाना क्षेत्र के मुकुंदपुर बंतरी गांव के रहने वाले मिथलेश तिवारी ने गांव के चौराहे के पास तीन साल पहले शिक्षक लक्ष्मण तिवारी से लगभग दो बिस्वा जमीन का बैनामा कराया था. जमीन खरीदने के बाद मिथलेश ने उसके चारों तरफ बाउंड्री खड़ी करवा दी थी. बताया जाता है कि बैनामे की जमीन के पीछे कुछ हिस्सा ऊसर है. उस जमीन पर पड़ोस के रहने वाले रूपचंद्र जायसवाल अपना हक जता रहे थे. इसी बात को लेकर पिछले काफी समय से दोनों पक्षों के विवाद चला आ रहा था.


विवाद के बाद पहुंचे थे

बताया जाता है कि रविवार दोपहर मिथिलेश जमीन पर मिट्टी गिरवाकर समतल करा रहे थे. तभी इस बात की जानकारी पड़ोसी रूपचंद्र को हुई. कई लोगों के साथ मौके पर पहुंचकर उसने विवाद शुरू कर दिया. विवाद बढ़ने पर मिथिलेश ने फोन करके परिवार के अन्य सदस्यों को भी मौके पर आने के लिए बुलाया. रवि तिवारी उर्फ राहुल 28 वर्ष पुत्र शिवनरायण तिवारी जो पेशे से अधिवक्ता और सोरांव तहसील में ही वकालत करता था, अन्य लोगों के साथ पहुंचा. रूपचन्द्र जायसवाल व उनका पुत्र अनुज जायसवाल अपनी लाइसेंसी बंदूक लेकर छत से ही कई राउंड फायर किया. एक गोली सबसे आगे खडे रवि तिवारी के पेट मे लगी और वह तड़पकर वहीं गिर गया.


बच न सकी जान

रवि के जमीन पर गिरते ही अन्य लोग मौके से दूर हो गए जबकि परिजन उसे आनन-फानन में लेकर फाफामऊ अस्पताल पहुंचे जहां डाक्टरों ने बेली भेज दिया. बेली में गंभीर हालत में पहुंचे रवि को एसआरएन रेफर कर दिया गया. अस्पताल पहुंचते-पहुंचते रवि की मौत हो गई.


घर में कोहराम

जानकारी के मुताबिक 28 वर्षीय रवि तिवारी उर्फ राहुल पुत्र शिवनरायण तिवारी सोरांव तहसील में ही वकालत करता था. रवि को गोली लगने की जानकारी जैसे ही घर पहुंची वहां परिजनों में कोहराम मच गया. तुरंत ही परिजन हॉस्पिटल पहुंचे. रवि की मौत होते ही वह दहाड़ें मार-मारकर रोने लगे.


पकड़ में आए आरोपी

घटना की सूचना पर कई थाने की फोर्स के साथ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए. और घर से भाग रहे रूपचंद्र उसके बेटे अनुज जायसवाल व संतोष, प्रेमचंद्र को पकड़ लिया. सीओ सोरांव जितेंद्र गिरी व एसपी गंगापार सुनील सिंह ने घटना स्थल की जांच की तो मौके से एक खोखा मिला. इसके बाद लाइसेंसी रायफल, चार कारतूस बरामद कर लिया.


साथियों ने किया हंगामा

उधर जैसे ही अधिवक्ता रवि की हत्या की सूचना साथी अधिवक्ताओं को हुई वह सैकड़ों की संख्या में पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए और हंगामा शुरू कर दिया. अधिवक्ताओं की भीड़ देख कुछ देर के लिए पुलिस भी सकते में आ गई. एसपी सिटी बृजेश श्रीवास्तव व जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और मुवायजे की मांग कर रहे अधिवक्ताओं को समझा-बुझाकर शांत कराया.


10 तारीख का अजीब संयोग

रवि तिवारी की हत्या के बाद सबकी जुबान पर चर्चा थी कि क्या 10 तारीख वकीलों के लिए काल बन चुका है. गौरतलब है कि 10 मई को ही अधिवक्ता राजेश श्रीवास्तव को मनमोहन पार्क के पास गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया था. राजेश की हत्या में भी जमीन विवाद ही वजह के रूप में सामने आई थी.


-अधिवक्ता की हत्या के पीछे भूमि विवाद सामने आया है. हत्यारों ने गोली मारी है. मौके से चार आरोपितों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. राइफल, खोखा और कारतूस बरामद कर लिया गया है. तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है.

-नितिन तिवारी, एसएसपी