बुजुर्ग महिला की लूटपाट के बाद हत्या

- कमरे में फर्श पर मिली बुजुर्ग महिला की लाश, घर का सामान अस्त व्यस्त

- शाम को नौकरानी के पहुंचने पर हुई घटना की जानकारी

- घर में अकेली थी बुजुर्ग महिला, नाक और मुंह से निकला खून

बदमाशों ने दिनदहाड़े पीटकर हत्या कर दी
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LUCKNOW :
गाजीपुर के सेक्टर 11 स्थित एकता पार्क के सामने घर में अकेली बुजुर्ग महिला की अज्ञात बदमाशों ने दिनदहाड़े पीटकर हत्या कर दी. हत्या के बाद बदमाशों ने घर में जमकर लूटपाट की और दरवाजे बाहर से बंद कर फरार हो गये. घटना का पता तब चला जब काम करने वाली नौकरानी घर पहुंची. पॉश एरिया में हत्या और लूटपाट की सूचना मिलने पर एडीजी जोन, आईजी और एसएसपी समेत आला अफसर मौके पर पहुंचे और जांच पड़ताल शुरू की.

घर में अकेली थी महिला
गाजीपुर के इंदिरा नगर सेक्टर 11 मकान नंबर 11/89 में एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस आलमबाग के ब्रांच मैनेजर नितिन वाष्र्णेय परिवार के साथ रहते हैं. उनके पिता राजकुमार की मौत हो चुकी है और मौजूदा समय में उनकी पत्नी गीतांजलि अपने दोनों बच्चों के साथ मायके अलीगढ़ गई हैं. घर पर नितिन की मां कृष्णा वाष्र्णेय (70) अकेली थीं. बुधवार सुबह नितिन 10.30 बजे ड्यूटी पर चले गये. शाम 6 बजे उनकी नौकरानी नेहा काम करने के लिए घर पहुंची. घर का एक दरवाजा खुला था, जबकि दूसरे दरवाजे पर अंदर से सिटकनी लगी थी.

खौफनाक था मंजर
जब नेहा घर के अंदर पहुंची तो वहां का मंजर देखकर उसके होश उड़ गये. कमरे में बुजुर्ग कृष्णा का शव फर्श पर पड़ा था. कमरे में रखा सारा सामान बिखरा पड़ा था और आलमारी खुली थी. सहमी नेहा फौरन घर से निकली और पड़ोस में रहने वाली मीनाक्षी के यहां जाकर उसने पूरी बात बताई. इसके बाद आसपास के लोग नितिन के घर पहुंचे और कृष्णा के बेटे नितिन और पुलिस को सूचना दी. सूचना मिलने पर एसपी ट्रांसगोमती हरेंद्र कुमार, सीओ गाजीपुर व गाजीपुर पुलिस मौके पर पहुंची.

पार्क का चक्कर लगा लौट आया डॉग
पुलिस ने बुजुर्ग कृष्णा को आनन-फानन इलाज के लिए राम मनोहर लोहिया अस्पताल पहुंचाया. जहां डाक्टरों ने उनको मृत घोषित कर दिया. इधर, पुलिस ने छानबीन के लिए मौके पर फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड को भी बुला लिया. कमरे में बिखरा सामान इस बात की गवाही दे रहा था कि घर में लूटपाट की गई है. परिवार के लोगों का कहना है कि लूटपाट का विरोध करने पर बदमाशों ने कृष्णा की हत्या कर दी. सूचना पाकर एडीजी जोन राजीव कृष्णा, आईजी सुजीत पांडेय और एसएसपी दीपक कुमार भी मौके पर पहुंच गए. अधिकारियों ने बुजुर्ग कृष्णा के बेटे नितिन और आस-पास के लोगों से भी बात की.

छानबीन में जुटी पुलिस
एसएसपी दीपक कुमार ने बताया कि पुलिस का शक ऐसे लोगों पर है जो घर और परिवार के लोगों के बारे में पहले से जानते थे. बदमाशों को इस बात का पता था कि मौजूद समय में महिला घर में अकेली रहती है. बदमाशों ने घटना के लिए उसी समय को चुना. अब इस बात का पता लगाया जा रहा है कि पीडि़त के घर में किन-किन लोगों का आना-जाना था.

बुजुर्ग के बदमाशों से संघर्ष के मिले निशान
एसपी टीजी हरेन्द्र कुमार ने बताया कि कृष्णा के मुंह और नाक से खून निकल रहा था. इस बात की पूरी संभावना है कि कृष्णा ने बदमाशों का विरोध किया जिसके चलते बदमाशों ने उन्हें धक्का दिया और बेड व सोफे के कोना लगने से उन्हें गहरी चोट लगी. जमीन पर फैला खून पूरी तरह सूख चुका था. जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि बदमाशों ने करीब 11.30 से 12 बजे के बीच ही उनकी हत्या कर दी और फिर लूटपाट की.

सीसीटीवी की फुटेज खंगाल रही पुलिस
एसपी टीजी हरेन्द्र कुमार ने बताया कि नितिन के घर में कोई भी सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं. पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देख रही है. सेक्टर 11 की पॉश कॉलोनी में तीन पार्क हैं. विरासत पार्क के पास सीसीटीवी कैमरे लगे हैं जबकि एकता पार्क के पास कैमरे नहीं है. जिससे एक बार फिर सीसीटीवी कैमरे न होने के चलते पुलिस को मजबूत कड़ी नहीं मिल सकी. हालांकि एसएसपी का दावा है कि कॉलोनी में लगे कैमरे में दो संदिग्ध लोगों को देखा गया है.

कपड़े फैलाने के दौरान घुसे बदमाश!
पड़ोसियों का कहना है कि अक्सर कृष्णा गेट बंद रखती है. वे घर में हैं या नहीं इसका अंदाजा वे इससे लगाते थे कि बरामदे में कपड़े फैले हैं या नहीं. कपड़े फैले होने पर बुजुर्ग कृष्णा के घर में होने का अंदाजा लगा लेते थे. आज भी बरामदे में भीगे कपड़े रखे मिले. लेकिन, उन्हें फैलाया नहीं गया था. जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि कृष्णा कपड़े फैलाने बरामदे में आई तभी बदमाश उनके घर में दाखिल हो गए.

सुरक्षा को लेकर डरे सोसाइटी के लोग
सेक्टर 11 में रहने वाली बुजुर्ग महिला की हत्या के बाद यहां रहने वाले दहशत में हैं. इस एरिया में तीन सोसाइटी है. कॉलोनी में चार गेट हैं. जिनमें से तीन बड़े गेट ताला बंद रहता है, जबकि उनके छोटे गेट खुले रहते हैं. जिससे लोग पैदल आ जा सकते हैं. कॉलोनी में रहने वालों का कहना है कि पार्क के साथ-साथ गेट पर भी कैमरे जल्द लगावाए जाएं ताकि आगे कोई इस तरह की घटना न हो सके.