गर्भ में पल रहे बच्चे समेत कुल चार की मौत, बक्से के अंदर जले मिले बच्चे

मृतका के भाई की तहरीर पर दहेज हत्या की रिपोर्ट, ससुर हिरासत में पति भागा

PRAYAGRAJ: करछना एरिया में थर्डडे मार्निग आयी एक घटना की सूचना ने सनसनी फैला दी। सूचना थी एक महिला और उसके दो मासूम बच्चों की जलने से मौत की। महिला गर्भवती थी तो करने वालों की संख्या चार हो गयी। आरोप भी है और स्पॉट पर मिले निशान बताते हैं कि महिला और उसके मासूम बच्चों को जिंदा जला दिया गया है। मृतका के परिजनों ने इसे दहेज हत्या का मामला बताते हुए रिपोर्ट दर्ज करायी है। पुलिस ने ससुर को उठा लिया है और पति की तलाश में छापेमारी कर रही है।

अमन तीन व दो साल की थी प्रियंका

करछना क्षेत्र के कउवा गांव निवासी गिरधारी लाल पटेल के दो पुत्र व चार बेटियां थीं। उसने अपनी तीसरे नंबर की बेटी ऊषा पटेल की शादी वर्ष 2012 में करछना थाना क्षेत्र के कपूर का पूरा निवासी निर्भय पटेल के इकलौते बेटे गनेश कुमार से की थी। शादी के बाद ऊषा ने दो बच्चों अमन (3) व प्रियंका (2) को जन्म दिया। तीसरा बच्चा उसके गर्भ में पल रहा था। निर्भय की पत्‍‌नी पिछले की पिछले वर्ष मौत हो चुकी है। वह अपनी दो बेटियों की शादी कर चुका है। सास की मौत के बाद घर में ऊषा व उसके बच्चे और पति एवं ससुर ही था।

आए दिन मारता पीटता था पति

ऊषा के भाई अजीत कुमार पटेल ने बताया गुरुवार सुबह कपूर का पूरा गांव से सुबह उसके पास किसी ने फोन किया। बताया कि उसकी बहन ऊषा व दोनो भांजों की मौत हो गई है। यह सुनते ही वह बहन के घर पहुंचा। कमरे में बहन ऊषा का जला हुआ शव चारपाई के पास जमीन पर पड़ा था। उसी कमरे में बड़े बक्से के अंदर रखी रजाई व कपड़ों के बीच मासूम भांजे अमन व प्रियंका सुलग रहे थे। यह देख वह चीख पड़ा। तीनो की मौत हो चुकी थी। उसी ने बताया कि ऊषा गर्भवती थी। पति गनेश आए दिन उसे मारता पीटता था और पैसों की मांग किया करता था। उसकी तहरीर पर पुलिस ने दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज की और बॉडी को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने ऊषा के ससुर निर्भय कुमार पटेल को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।

आए दिन पति पत्‍‌नी में होता था विवाद

स्थानीय लोगों ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि कई माह से पति-पत्‍‌नी के बीच झगड़ा होता था। पुलिस के अनुसार विवाद की वजह कोई नहीं बता सका। आशंका जताई जा रही है विवाद से तंग महिला ने ही बच्चों को जलाकर खुद भी आत्महत्या कर ली है। पुलिस हिरासत में निर्भय ने बताया कि बेटा गनेश भोर में ही गेहूं की फसल काटने चला गया था। वह भी खेत में थे।

2017 में हुआ था थाने में समझौता

भाई अजीत की मानें तो ऊषा के साथ मारपीट और उसे प्रताडि़त करने का काम उसका पति कई साल से कर रहा था। 2017 में बात इतनी बढ़ गयी कि मामला पुलिस तक पहुंच गया। पुलिस ने दोनों पक्षों को रिश्तेदारों के साथ थाने बुलाया था। उस वक्त पुलिस ने दोनों के बीच समझौता करा दिया। बताया कि बहन को उसने दो बार मोबाइल दिया जिसे उसके पति ने इसलिए तोड़ दिया कि घर बात न कर सके। वह ऊषा को जल्दी मायके भी नहीं भेजता था। दो माह पूर्व रिश्तेदारों का काफी दबाव बनने के बाद ऊषा को बहन की शादी में घर भेजा था।

मृतका के भाई की तहरीर पर दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ससुर को हिरासत में ले लिया गया है। मृतका के पति की तलाश जारी है। पूछताछ में कई तरह की बातें निकल कर सामने आई हैं। जांच पूरी होने तक कुछ भी कहना ठीक नहीं है।

चंद्रभान सिंह,

प्रभारी निरीक्षक करछना