-एडीजी से मिलकर फरहत नकवी ने की शिकायत

-सुपारी देकर हत्या की कोशिश का आरोप

बरेली - मेरा हक फाउंडेशन की अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी की बहन फरहत नकवी को जान का खतरा है. उन्होंने जेल में हत्या की साजिश रचने और सुपारी देकर हत्या कराने की आशंका के चलते मंडे को एडीजी जोन प्रेम प्रकाश से शिकायत की. एडीजी ने जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है.

रजिया के पति पर शक

फरहत ने एडीजी को बताया कि उसने तीन तलाक पीडि़त रजिया नाम की महिला की मदद की थी. रजिया को उसके पति नईम ने तलाक देने के बाद घर में ही बंधक बना लिया था और रजिया को भूखा प्यासा रखा जाता था. उन्होंने ही रजिया को आजाद करवा कर उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया था, लेकिन इलाज के दौरान ही रजिया की मौत हो गई थी, जिसके बाद पुलिस ने रजिया के पति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया था. तब से रजिया का पति नईम जेल में बंद है.

ऐसे हुआ खुलासा

फरहत नकवी का कहना है कि रजिया के पड़ोस में रहने वाला फैजान किसी मामले में जेल गया था. जहां वह नईम के सम्पर्क में आया और नईम ने फैजान से कहा है कि फरहत नकवी के कारण वो जेल में बंद है और जमानत में छूटने के बाद वो फरहत नकवी और रजिया के परिजनों को मार डालेगा या किसी को दो-चार लाख रुपए देकर हत्या करवा देगा. ये बात फैजान ने जेल से निकलने के बाद रजिया के परिजनों को बताई तो फिर उन्हें जानकारी मिली.

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निदा मामले में कोर्ट से केस डायरी लेकर आए विवेचक

निदा प्रकरण में सोमवार को बिथरी चैनपुर थाने के दारोगा गुरुदेव सिंह ने कोर्ट जाकर केस डायरी हासिल कर ली. अब वह मुकदमे की दोबारा विवेचना करेंगे. बता दें कि निदा के खिलाफ फतवा जारी करने वाले के खिलाफ बारादरी थाने में एफआईआर दर्ज है. श्यामगंज चौकी इंचार्ज ने कुछ धाराएं हटाकर चार्जशीट लगा दी थी. विवेचक ने आरोपियों को सेक्शन 41 का नोटिस तामील कराना तक उचित नहीं समझा. यही कारण रहा कि कोर्ट ने चार्जशीट लौटा दी. इसके बाद मुकदमे की विवेचना बिथरी चैनपुर के दारोगा गुरुदेव सिंह को दे दी गई.