-पुलिस ने दरोगा के परिजनों को पूछताछ के लिए उठाया

-दरोगा पर सरेंडर का दबाव बनाने की रणनीति पर काम कर रही है पुलिस

-दरोगा बचाव के लिए मददगारों के जरिए ईशा को बदनाम करा रहा है

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KANPUR :

ईशा की वीभत्स हत्या करने वाले कातिल दरोगा ज्ञानेंद्र और उसके साथी मनीष का गिरफ्तारी वारण्ट जारी हो गया है. पुलिस ने उसके घरवालों को भी पूछताछ के लिए उठा लिया है लेकिन कातिल दरोगा पर पुलिस की चाल का कोई असर नहीं हो रहा है. बल्कि उसने खुद को अपने बचाव के लिए मददगारों के जरिए ईशा को मौत के बाद बदनाम करना शुरू कर दिया, ताकि उसको पुलिस, पब्लिक समेत अन्य लोगों की सहानुभूति मिलने लगे और ईशा का पक्ष कमजोर हो जाए. इसको लेकर पुलिस महकमे से लेकर आम पब्लिक में चर्चा भी शुरू हो गई है.

..तो शहर में ही फरारी काट रहे

दरोगा ज्ञानेंद्र सर्विलांस का जानकार है, जबकि उसका साथी मनीष मोबाइल का. पुलिस उन्हें सर्विलांस के सहारे पकड़ने की कोशिश कर रही है, लेकिन दोनों की जुगलबन्दी से वे पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ रहे है. यह बात खुद पुलिस भी मान रही है. दोनों की लोकेशन कभी छत्तीसगढ़ तो कभी मध्यप्रदेश में मिल रही है, लेकिन पुलिस का मानना है कि वो या तो शहर में है या फिर शहर से जुड़े जिले जैसे उन्नाव, फतेहपुर में, एसएसपी का कहना है कि दोनों कितने शातिर हो वे जल्द ही पुलिस की गिरफ्त में होंगे. एसएसपी ने दोनों की गिरफ्तारी के लिए तेज तर्रार दरोगाओं की टीम को लगाया है. साथ ही पुलिस महकमे में दरोगा के साथियों का पता लगाकर उन पर नजर रखी जा रही है.

अय्याश प्रवृति का है दरोगा ज्ञानेंद्र

कातिल दरोगा ज्ञानेंद्र और उसका साथी मनीष अय्याश प्रवृत्ति के है. दरोगा ज्ञानेंद्र नजीराबाद समेत कई थानों का चार्ज संभाल चुका है. वो जिस थाने में तैनात रहता था. उस एरिया के होटल में मुफ्त में उसका एक रूम बुक रहता था. जहां पर वो दोस्तों के साथ अय्याशी करता था. मनीष अक्सर उसके लिए लड़की लेकर रूम पर जाता था. नजीराबाद थाने में तैनाती के दौरान मनीष एक लड़की लेकर उसके रूम पर पहुंचा था तो होटल के मैनेजर ने उसे रोक दिया था. जिसको लेकर उसका होटल के मैनेजर से विवाद भी हुआ था. दरोगा ज्ञानेंद्र के तीन से चार युवतियों से संबंध है.

बीयर और शराब का भी शौक रखता है

पत्नी के हत्यारोपी दरोगा ज्ञानेंद्र जब नौकरी ज्वाइन की थी. वो सिर्फ बीयर पीता था, लेकिन पुलिस की नौकरी के दौरान वो शराब पीने लगा. उसके साथ काम करने वाले एक कांस्टेबल ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि वो शराब का लती हो गया था. वो डेली शराब पीता था. कई बार तो वो ज्यादा नशा करने के लिए काकटेल करके शराब पीता था. वो अक्सर मनीष के साथ ही शराब पीता था. मनीष रात में थाने पहुंच जाता था. कई बार तो वो शराब पीने के बाद भी ड्यूटी करते थे.

ईशा को बदनाम करने की कोशिश

ईशा का इतनी वीभत्स तरीके से दरोगा ज्ञानेंद्र और उसके साथी मनीष ने कत्ल किया है. जिसे सुनकर हर कोई सहम गया है. दोनों ने ईशा की मारने के बाद उसका सिर धड़ से अलग कर दिया. परिजन भी उसका चेहरा नहीं देख पाए. जिससे कोई भी दरोगा और उसके साथियों का पक्ष भी सुनने को तैयार नहीं है. जिसे देख अब दरोगा सहानुभूति जुटाने के लिए साथियों के जरिए ईशा को बदनाम करवा रहा है. उसके मददगार ईशा के चरित्र पर सवाल उठाकर उसे मरने के बाद बदनाम कर रहे हैं.