शास्त्रीय संगीत की प्रतिभाओं ने छोड़ी छाप

आगरा. संगीत कला केंद्र एवं पं. रघुनाथ तलेगांवकर फाउंडेशन ट्रस्ट के संयुक्त तत्वाधान में माथुर वैश्य महासभा में दो दिन से चल रही अखिल भारतीय संगीत प्रतियोगिता का समापन रंगारंग कार्यक्रम के साथ हुआ.

प्रतिभागियों को किया पुरुस्कृत

समारोह में अध्यक्ष चित्रा पारिख, आमिर जीत सिंह, रानी सरोज गौरिहार ने सभी प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किए. संस्था की डायरेक्टर प्रतिभा केशव ने सभी का स्वागत किया.

प्रतिभागियों ने लिया भाग

संगीत प्रतियोगिता में देश के हरियाणा, छत्तीसगढ़, राजस्थान, दिल्ली, उत्तर प्रदेश के अलावा गुजरात की 40 संस्थाओं के लगभग 200 प्रतिभागियों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया.

इन्होंने बांधा समां

सबरस संगीत संध्या में अमीषा झालमी इंदौर का ध्रुपद गायन, तरूण परफोर्मिग आर्ट्स ग्रुप, दिल्ली का समूह नृत्य तथा बड़ौदा से पधारी वासंती जोशी ने भरत नायर को प्रस्तुति देकर समां बांध दिया. संगीत संध्या का समापन प्रसिद्ध कब्बाल सलीम हसन चिश्ती ने कब्बालियों से किया. कार्यक्रम का संयोजन पं.केशव तलेगांव ने किया. कार्यक्रम संगीताचार्य पं.रघुनाथ तलेगांवकर ने नवीन प्रतिभागियों को मंच देने के लिए इसकी शुरूआत 1965 में की थी.

यह रहे निर्णायक

निणार्यक की भूमिका में दिल्ली की कल्पना शर्मा, मुम्बई के अनुपम राय, कानपुर के पं. केसी चक्रवर्ती, पं. एसके त्रिपाठी, उदयपुर के पंकज बनावत, आगरा के आरके सक्सेना और प्रतिभा सक्सेना, शैलेन्द्र कुलश्रेष्ठ, पीएस रावत आदि ने संगीत कला पारखी के लोगों को सम्मानित किया.