- दो महीने के भीतर लगने जा रहे वाहनों पर स्पीड गवर्नर

- पहले चरण में टाटा मैजिक की स्पीड पर लगेगी लगाम

देहरादून,

सड़क पर तेज रफ्तार दौड़ रहे निगम के कूड़ा वाहनों पर जल्द लगाम लगने की उम्मीद है. निगम ने इन वाहनों पर स्पीड गवर्नर लगाने की योजना बनाई है. पहले चरण में टाटा मैजिक जैसे छोटे कूड़ा वाहनों पर स्पीड गवर्नर लगाये जाएंगे. योजना को धरातल पर उतारने के लिए निगम ने खाका भी खींच लिया है. वाहनों की स्पीड 60 से 70 किमी प्रति घंटा रखी जाएगी.

छोटे वाहनों से शुरुआत

दरअसल परिवहन विभाग की ओर से सभी कामर्शियल वाहनों पर स्पीड गवर्नर लगाने के निर्देश दिए गए हैं. इस आदेश को देखते हुए निगम ने अपने सभी वाहनों में स्पीड गवर्नर लगाने की योजना बनाई है. सबसे पहले छोटे कूड़ा वाहनों को इस योजना का हिस्सा बनाया जा रहा है. अभी तक किसी विभाग की ओर से इस आदेश का पालन नहीं किया जा रहा है.

पहले 45 छोटे वाहन

निगम से मिली जानकारी के मुताबिक पहले चरण में 45 टाटा मैजिक की स्पीड कंट्रोल की जाएगी. फिलहाल कूड़ा ले जा रहे बड़े वाहन डंपर , ट्रक की स्पीड लगाने को लेकर कोई योजना नहीं बनाई गई है.

हर वाहन पर 10 लाख खर्च

स्पीड गवर्नर लगाने को लेकर निगम की ओर से करीब पांच लाख रुपए का बजट रखा गया है. एक वाहन पर करीब 10 हजार का खर्चा आ रहा है. एक वाहन पर साढ़े सात हजार का स्पीड गवर्नर व ढाई हजार मैकेनिक की फीस का खर्चा आएगा.

हो चुका विरोध

परिवहन विभाग की ओर से स्पीड गवर्नर योजना लागू करते ही, विरोध होने लगा था. निगम दफ्तर से लेकर सड़क तक टैक्सी यूनियन से लेकर मैक्सी कैब चालक आरटीओ के खिलाफ नारेबाजी करने लगे. सरकार से लेकर शासन तक वाहन चालकों ने विरोध किया था.

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निगम के पास नब्बे कूड़ा वाहन हैं. सभी में स्पीड गवर्नर लगाए जाने की योजना बनाई जा रही है.

आरके सिंह, मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी