Meerut . नगर निगम में सफाईकर्मियों के वेतन में भी गोलमाल देखने को मिल रहा है. हालत यह है कि सफाईकर्मी एक महीने में 34 दिनों का वेतन ले रहे हैं. बावजूद इसके, किसी भी अधिकारी ने इस ओर ध्यान ही नहीं दिया. सूत्रों की मानें तो कई महीनों तक नगर निगम सफाई कर्मियों को एक माह में 34 दिन का वेतन दिया गया. इस साल फरवरी में भी सफाई कर्मियों को 29 दिन का वेतन दिया गया. जबकि फरवरी में इस साल 28 दिन थे.

जांच में खुलासा

दरअसल, नगर निगम ने शहर की सफाई व्यवस्था को दुरूस्त करने के लिए आउट सोर्सिग पर सफाई कर्मचारी नियुक्त किए हैं. जिसका टेंडर अलकनंदा कंपनी के पास है. गौरतलब है कि एक सेवा समिति ने कमिश्नर से वेतन में गोलमाल की शिकायत की थी. जिसके बाद जांच के आदेश दिए गए थे. फाइनेंस कंट्रोलर को इसका जांच अधिकारी बनाया गया. जिसके बाद एफसी की जांच में यह मामला सामने आया है.

चल रही मिलीभगत

एक माह में 34 दिन का वेतन देने के मामले में अधिकारी और कर्मचारी दोषी है. इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है किसी भी अधिकारी ने आपत्ति नहीं उठाई. न ही चेक बनाते समय किसी भी कर्मचारी ने इसको नोटिस किया.

नहीं लिया एक भी अवकाश

ताज्जुब की बात यह है आउट सोर्सिग पर काम कर रहे 2,215 सफाई कर्मियों ने पूरे साल एक भी छुट्टी नहीं ली. हर माह 30 व 31 दिन काम किया.

कमिश्नर के आदेश पर मामले की जांच चल रही है. जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. किसी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

मनोज कुमार चौहान, नगर आयुक्त

करोड़ों का निकलेगा घोटाले

अलकनंदा मामले की जांच में करोड़ों का घोटाला निकलेगा. क्योंकि यह घपला पूरे दो साल से चल रहा था. कमिश्नर ने इस पर पंद्रह दिन में रिपोर्ट मांगी थी. लेकिन अभी तक जांच पूरी नहीं है. नगर निगम के अधिकारी अभी गुणभाग करने में जुटे हुए हैं.