- किरायेदार रखने पर नगर निगम भवन स्वामियों से वसूलेगा 25 फीसदी अतिरिक्त हाउस टैक्स

- किरायेदार न होने पर मकान मालिक को देना होगा शपथ पत्र, निगम करवा रहा सर्वे

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VARANASI

घर में किरायेदार रखकर मोटी कमाई करने वाले भवन स्वामी नगर निगम के निशाने पर हैं. उनसे अब 25 फीसदी अतिरिक्त हाउस टैक्स वसूलने की तैयारी है. अगर किसी मकान में सभी किराएदार हैं तो हाउस टैक्स की दर बढ़ जाएगी. अगर मकान में किरायेदार नहीं हैं तो मकान मालिक को इसका शपथ पत्र निगम को देना होगा. नगर निगम के सर्वे में एफिडेविट की सत्यता प्रमाणित नहीं हुई तो भवन स्वामी पर पांच हजार रुपया जुर्माना लगाया जाएगा. इसके लिए नगर निगम ने कवायद तेज कर दी है. इससे नगर निगम को अतिरिक्त टैक्स मिल सकेगा.

सर्विस करते हैं यूज

शहर में बड़ी संख्या में ऐसे भवन हैं. जिनमें किरायेदार भी रहते हैं. भवन स्वामी नगर निगम को अपने मकान के एरिया असेसमेंट के हिसाब से निर्धारित हाउस टैक्स देते हैं. नगर निगम के अफसरों का तर्क है कि मकान में किरायेदार निगम की सफाई, पेयजल आदि सर्विसेज का यूज करते हैं. इससे निगम कर्मियों का काम बढ़ने के साथ पानी का खपत भी बढ़ जाता है. इसको देखते हुए किरायेदारी वाले भवन स्वामियों से अतिरिक्त टैक्स वसूलने का फैसला किया गया.

भवनों का री-असेसमेंट

नगर निगम शहर के नये भवनों का असेसमेंट और पुराने भवनों का री-असेसमेंट करवा रहा है. साथ ही शहर में जीआई सर्वे भी चल रहा है. इसमें बड़ी संख्या में ऐसे मकान मिले हैं जिनमें किरायेदार रहते हैं. ऐसे मकानों के सम्बंध में पूरी जानकारी जुटाई जा रही है. किरायेदारों का ब्योरा जुटाने के बाद जीआई सर्वे से मिलान किया जाएगा. इसके बाद बढ़ा हुआ टैक्स वसूला जाएगा. वहीं तमाम भवन ऐसे मिले हैं जिनके निर्माण के बाद से ही टैक्स ही नहीं जमा किया गया है. इनको नोटिस देकर मकान बनने के समय से हाउस टैक्स जमा करने को कहा गया है.

ये होगा फायदा

- एक्स्ट्रा टैक्स मिलने से नगर निगम का राजस्व बढ़ जाएगा.

- किरायेदारों की जानकारी होने से प्रशासन व पुलिस को सहयोग मिलेगा.

- पुलिस को किरायेदारों का वेरिफिकेशन करने में मदद मिलेगी.

- शहर की फ्लोटिंग पॉपुलेशन का डेटा इकट्ठा करना आसान होगा.

एक नजर

- 90 वार्ड हैं शहर में

- 1.92 लाख कुल भवनों की संख्या

- 1.70 लाख आवासीय भवन सिटी में

- 90 हजार मकानों में किरायेदार होने का अनुमान

- 06 हजार से ज्यादा किरायेदारी वाले मकान चिह्नित हुए दस वार्डो में

- 38 करोड़ सालाना निगम को मिलता है हाउस टैक्स

नगर निगम किरायेदारों का सर्वे करवा रहा है. जोनल टीमों को निर्देश दिए गए हैं कि वे असेसमेंट के समय मकान मालिक से किरायेदार न होने का एफिडेविट लें, ताकि किरायेदारों की जानकारी मिल सके. इसके बाद भवन स्वामियों पर 25 फीसदी एक्स्ट्रा टैक्स चार्ज किया जाएगा.

डॉ. नितिन बंसल, नगर आयुक्त