-एनजीटी ने सिटी में गंदगी करने वालों पर दस हजार रुपये जुर्माना लगाने का दिया निर्देश

-शहर में अब निर्धारित स्थान पर कूड़ा नहीं फेंकना पड़ेगा भारी

varanasi

लगता है नगर निगम के दिन बदलने वाले हैं। उसे रुपयों की कोई कमी नहीं होगी। लाखों रुपये रोज मिलेंगे। ये पढ़कर आप क्या सोचने लगे? निगम के हाथ कोई लाटरी नहीं लगी बल्कि एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) का निर्देश उसे रुपये दिलाएगा। एनजीटी के मुताबिक शहर में अब निर्धारित स्थान पर कूड़ा नहीं फेंकने वालों से दस हजार तक का जुर्माना वसूला जाएगा। वैसे बनारस के लोगों की आदत तो आप जानते ही हैं। जहां और जब जी चाहा कूड़ा फेंक दिया। इस मामले में किसी की नहीं सुनते हैं। सरकार की ना नगर निगम की। लेकिन उन्हें अब ये फरमान न मानना महंगा पड़ेगा।

अब तो जुर्माना देना पड़ेगा

एनजीटी ने सख्त लहजे में कहा है कि किसी को भी प्रदूषण और गंदगी फैलाने की छूट नहीं जा सकती है। खासतौर पर होटल, सब्जी मंडी, दुकान, रेस्तरां आदि को इस पर खास ध्यान देना चाहिए। जबकि देखा गया है कि ऐसा नहीं हो रहा है। एनजीटी ने सभी निकायों के आयुक्त को कहा है कि लोगों को कूड़ा फेंकने से रोकने के लिए योजना तैयार करें। सख्ती करते हुए कम से कम दस हजार का जुर्माना लगाएं। यह जुर्माना हर बार गंदगी फैलाने पर होनी चाहिए। अगर जो नगर निगम का सहयोग करते हुए सफाई में सहयोग कर रहा है उसे प्रोत्साहित भी किया जाना चाहिए। एनजीटी ने हाउस टैक्स जैसी छूट देने का प्रस्ताव भी रखा है।

यहां तो आदत है गंदगी फैलाना

-बनारस में गंदगी फैलाना लोगों की आदत बन गयी है।

-किसी भी वक्त कूड़ा घर, दुकान, रेस्तरां, होटल से बाहर कर देते हैं।

-कूड़ा डालने के लिए नगर निगम की ओर से जगह-जगह डस्टबीन लगाया गया है लेकिन जहां जी चाहता हैं डाल देते हैं।

-कूड़ा बाहर निकालने के लिए सुबह का समय फिक्स किया गया है लेकिन कोई फॉलो नहीं करता है।

-बनारस में तो डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन की योजना भी लोगों के सहयोग के बिना फ्लॉप हो गयी।

-नगर निगम की ओर से तमाम तरह से शहर के लोगों को समझाने की कोशिश की गई, सब बेकार हो गया।

-नगर निगम की ओर से निर्धारित स्थान पर कूड़ा न फेंकने पर पांच सौ का जुर्माना लगाया जाता है।

शहर की सफाई सभी की जिम्मेदारी है। जब तक पब्लिक का सपोर्ट नहीं मिलेगा तब तक शहर पूरी तरह से साफ नहीं हो सकेगा। सफाई के लिए नगर निगम हर संभव प्रयास कर रहा है।

श्री हरि प्रताप शाही

नगर आयुक्त