- खुफिया रिपोर्ट व सतर्कता के मद्देनजर लिया गया फैसला

- अवैध रूप से रिक्शा चला रहे चालकों पर लगेगी लगाम

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VARANASI

अब नगर निगम बिना आधार कार्ड के रिक्शा चालकों का रजिस्ट्रेशन नहीं करेगा. इससे अवैध रूप से रिक्शा चलाने वालों पर लगाम लग सकेगी. यह फैसला खुफिया रिपोर्ट और सतर्कता के मद्देनजर लिया गया है. इसके अलावा रिक्शे का रजिस्ट्रेशन कराने वाले संचालकों के लिए भी आधार कार्ड लगाना जरूरी कर दिया गया है.

क्यों पड़ी इसकी जरूरत?

पुलिस की खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक कई बार अपराधिक वारदातों में रिक्शा चालकों का हाथ होने की बात सामने आई है. हालांकि पुलिसिया जांच में इसकी पुष्टि नहीं हो सकी. इसके बाद खुफिया विभाग ने नगर निगम को पत्र भेजकर रिक्शा चालकों की पूरी पड़ताल किए बिना रजिस्ट्रेशन करने से बचने को कहा. इसपर नगर आयुक्त डॉ. नितिन बंसल ने रजिस्ट्रेशन कराने के लिए आधार कार्ड जरूरी कर दिया.

ऐसे होता है रजिस्ट्रेशन

नगर निगम के अधिकृत वेंडर अब तक निर्धारित फार्म के साथ फोटो व एक आईडी लगाकर रिक्शे और उसके चालकों का रजिस्ट्रेशन कराया जाता है. इसका निर्धारित शुल्क है. इसके बाद रिक्शे की लाइसेंस प्लेट और चालकों का परिचय पत्र जारी किया जाता है. अब सभी डॉक्यूमेंट के साथ ही आधार भी लगाना जरूरी होगा. एक अगस्त से यह व्यवस्था शुरू हो गई है. नगर निगम के अफसरों का कहना है कि इस कवायद से शहर में रिक्शा चला रहे बांग्लादेशी व अन्य अवैध लोगों पर लगाम लग सकेगी.

नगर निगम कराएगा सर्वे

रजिस्ट्रेशन के लिए आधार कार्ड जरूरी करने के बाद नगर निगम अपनी जोनल टीमों के माध्यम से रिक्शा चालकों का सर्वे कराएगा. सर्वे में बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहे रिक्शा और उसके चालकों पर नकेल कसी जाएगी. उनका रजिस्ट्रेशन करने के साथ ही निर्धारित जुर्माना भी लगाया जाएगा.

एक नजर

- 50 रिक्शा चालकों का रजिस्ट्रेशन अप्रैल से अब तक हुआ

- 300 रुपया है रिक्शे का रजिस्ट्रेशन शुल्क

- 4100 से ज्यादा रिक्शों का लाइसेंस बना है निगम से

- 1710 रिक्शा चालकों का हुआ अब तक पंजीयन

- 01 साल बाद कराना होता है रजिस्ट्रेशन का रिन्यूवल

सुरक्षा के मद्देनजर रिक्शा चालकों के लिए आधार लगाना अनिवार्य कर दिया गया है. नगर निगम खुद सर्वे कर अवैध रूप से रिक्शा चला रहे चालकों की जांच करेगा.

राकेश कुमार यादव, संयुक्त नगर आयुक्त