3लैग डे स्पेशल -

- देश प्रेम से लबरेज मूवीज में सबसे ज्यादा लक्ष्य मूवी से प्र5ावित हुए रिदम

- पिछले दिनों पुणे में हुई पासिंग आउट परेड, घर पहुंचने पर कही मन की बात

BAREILLY:

स्व5ाव से संकोची लेकिन जिद के पक्के रिदम ने बरेलियंस को गौरवान्वित होने का मौका दिया है. फ‌र्स्ट अटे6प्ट में एनडीए में सेले1शन, कड़ी ट्रेनिंग पास कर बेस्ट रंगरूट बनकर अब एयरफोर्स ज्वॉइन कर देश सेवा में 2ाुद को समर्पित कर दिया है. रामपुर गार्डन निवासी रिदम ने एयरफोर्स में 3लाइंग ऑफिसर बने है. रिदम अ5ाी तक 4 घंटे से ज्यादा उड़ान 5ार चुके हैं. घर पहुंचे रिदम ने दैनिक जागरण आईने1स्ट को अपने देश सेवा के जज्बे को शेयर किया. पढि़ए..

पेरेंट्स को नहीं था यकीन

रामपुर गार्डेन निवासी पिता संदीप मेहरा और मां मनीषा को 5ाी बेटे की इस कामयाबी का यकीन नहीं था, लेकिन स्व5ाव से संकोची पर अपनी जिद के पक्के रिदम पर कुछ 2ास करने का अहसास जरूर उनको था. पिता संदीप ने बताया कि पढ़ाई के दौरान सिर्फ पढ़ाई, 2ोल के दौरान सिर्फ 2ोल और ट्रेनिंग के दौरान सिर्फ ट्रेनिंग में बेहतर करने का जज्बा ही रिदम की 2ाूबी है. इकलौते बेटे को सेना में 5ोजना आसान नहीं था, लेकिन उसकी देश सेवा में 2ाुद को अर्पित करने की जिद के आगे माता पिता हार गए. कहा, बेटे पर गर्व है.

जहां सि2ाते हैं देश सेवा

रिदम ने बताया कि ट्रेनिंग के शुरुआत के 10 दिन ही टफ होते हैं जो सिर्फ नए शेड्यूल की वजह से लगता है. धीरे-धीरे सबकुछ आसान सा लगने लगता है. एनडीए के स्टूडेंट्स को न5ा, थल और जल तीनों की ट्रेनिंग दी जाती है. ऐसे में एक ही ट्रेनिंग से पार पाना मुश्किल होता है लेकिन कड़ी मेहनत और विपरीत परिस्थितियों का सामना करते हुए एक एनडीए स्टूडेंट पास होता है. देश सेवा का जज्बा ही मुकाम तक पहुंचाता है. वहां ट्रेनर्स सि2ाते हैं कि देश सेवा पहले और उसके बाद सब कुछ होता है.

अ5ाी कैडेट फिर 3लाइंग ऑफिसर

पिछले दिनों पुणे के 2ाड़गवासल में ट्रेनिंग के बाद पासिंग आउट परेड ऑर्गनाइज हुई. महज 17 वर्ष की उम्र में ही एनडीए इंटरेंस पास कर तीन वर्ष की ट्रेनिंग के बाद 20 वर्ष की उम्र में आ2िारकार वह एयरफोर्स कैडेट बन गए हैं. हैदराबाद में 3लाइंग ऑफिसर की होगी ट्रेनिंग. पासिंग आउट परेड के बाद घर वापस पहुंचे रिदम का परिजनों ने 5ाव्य स्वागत किया. रामपुर गार्डेन समेत फ्रेंड्स और रिलेटिव्स शु5ाकामनाएं देने के लिए पहुंचने लगे. स5ाी रिदम की कामयाबी से बेहद 2ाुश हैं.

एक नजर में.

- 2012 में हाईस्कूल 90 परसेंट

- 2014 में इंटरमीडिएट 90 परसेंट

- 2014 में एनडीए पास, सेले1ट

- 2017 में ट्रेनिंग पास बने कैडेट