- दो दिवसीय अष्टमी के चलते कहीं आज तो कही सोमवार को जन्मेंगे कान्हा

- पुलिस लाइन में विशेष तैयारियां तो कही हुई प्रतियोगिता

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LUCKNOW : राजधानी में कृष्ण जन्मोत्सव को लेकर तैयारियां पूरी हो गई हैं. इस बार अष्टमी केदो दिवसीय मान के बीच कहीं रविवार तो कहीं सोमवार को कान्हा जन्मेंगे. पुलिस लाइन, खाटू श्याम धाम, गणेशगंज समेत कई स्थानों पर सोमवार को ही श्रीकृष्ण जन्म मनाई जाएगी. वहीं घरों, ठाकुरद्वारों में कान्हा रविवार को जन्म लेंगे.

झांकियों में दिखेगी कान्हा की लीलाएं

जन्माष्टमी को लेकर पुलिस लाइन में विशेष तैयारियां पूरी हो गई हैं. यहां भगवान श्रीकृष्ण कई अवतार में दिखेंगे. रविवार तक यहां फिनिशिंग टच पूरा हो जायेगा. वहीं बने पंडाल में कलाकार मयूर नृत्य, फूलों की होली समेत कई कार्यक्रम की प्रस्तुति देगें तो स्कूली बच्चों की संजीव झांकी आकर्षक का केंद्र होगीं. इसके अलावा खाटूश्याम, इस्कान मंदिर, डालीगंज माधव मंदिर में विशेष तैयारी की गई है. रविवार की शाम से अष्टमी के दिन रोहिणी नक्षत्र मिलने के संयोग के बीच ज्योतिषियों के अनुसार गृहस्थों को दो और सन्यासीजनों को तीन सितंबर को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी व्रत करना श्रेयस्कर है. आचार्य प्रदीप के मुताबिक रविवार की शाम 5:09 बजे से अष्टमी का मान शुरू हो जायेगा जोकि सोमवार को दोपहर बाद तक रहेगा. दो सितंबर को ही शाम 6:30 बजे से रोहिणी नक्षत्र शुरू हो जायेगा चूंकि दो सितंबर को ही अष्टमी, रोहिणी नक्षत्र और मध्यरात्रि का जयंती संयोग रहेगा जबकि तीन सितंबर को अष्टमी उदया तिथि में तो मिलेगी, लेकिन मध्यरात्रि के समय अष्टमी नहीं रहेगी.

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हलषष्ठी मनाई गई

श्रीकृष्ण जन्म से पहले शनिवार को घर-घर बलदाऊ जन्मे. पुत्रों की लंबी आयु, बल और मंगलकामना के लिए पुत्रवती माताओं ने भाद्रपद कृष्ण पक्ष षष्ठी हलषष्ठी व्रत रखा. सुबह से निर्जल व्रत रही माताओं ने सूरज, गौ, बछड़ा, हल और मिट्टी के पोखर की पूजा कर लोकविधि से भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई बलदाऊ का भी पूजन किया.

धूमधाम से मनाया जाएगा नन्दोत्सव

हरिसभा मंदिर ट्रस्ट, मकूबलगंज में 2, 3 सितंबर और 17 सितबंर को राधा अष्टमी धूमधाम से मनाई जाएगी. ट्रस्टी प्रेसीडेंट अशोक कुमार विश्वास ने बताया कि 2 सितंबर को सुबह गीता पाठ, प्रवचन और शाम को आरती और रात 11 बजे जन्माष्टमी पूजा होगी. पुजारी तारक नाथ भट्टाचार्या ने बताया कि 3 सितंबर को जन्माष्टमी व्रत की पूजा, नन्दोत्सव, महाप्रसाद वितरण, शाम की आरती के बाद पालाकीर्तन का आयोजन होगा, जिसमें बंगाल से आए कलाकार प्रस्तुति देंगे. 4 सितंबर से 16 सितंबर तक प्रतिदिन शाम को विरेन्द्रनाथ दास श्रीमद् भागवत पाठ करेंगे. 17 सितंबर को श्रीश्री राधाष्टमी पूजा तथा नाम यज्ञ होगा.

51 गोपियों संग श्रीकृष्ण ने किया महारास

श्री माधव मंदिर सेवा संस्थान की ओर से कुर्सी रोड स्थित आइडियल डिग्री कॉलेज में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी उत्सव पर श्रीकृष्ण महारास की धुन पर यही महारास है यही महारास है गोपियों संग श्रीकृष्ण महारास का नजारा देखते की बन रहा था. राजस्थानी डांडिया नृत्य प्रस्तुत करने के बाद भक्त के वश में हैं भगवान पर लड़कियों ने किरदार को मंच पर उतारा. वहीं दही हांडी प्रतियोगिता में ग्रीन हाउस की लड़कियों ने हांडी फोड़ी. डालीगंज स्थित माधव मंदिर से रविवार को इस्कान यूथ फोरम से सचेंद्र प्रभु, सुरनंदनी माता की अगुवाई में टोली निकलेगी.

कोलकाता की डिजिटल मूविंग झांकी

श्री श्याम परिवार लखनऊ की ओर से जन्माष्टमी रस महोत्सव का आयोजन 3 सितंबर को श्री खाटू श्याम मंदिर में रात्रि 9 बजे से शुरू होगा जो मध्य रात्रि तक चलेगा. यहां पंडाल माखन मटकी की थीम पर तैयार हो रहा है. श्याम बाबा के श्रंगार के लिये फूल बंग्लुरू से मंगाये गये हैं. श्री श्याम परिवार लखनऊ के अध्यक्ष वीरेन्द्र अग्रवाल ने बताया कि श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के अवसर पर भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा, जिसमें लता सिंह राजपूत और पवन मिश्रा भजनों की गंगा बहायेंगे. इस मौके पर मनमोहक नृत्य नाटिका का मंचन भी होगा. अंत में 21 किलों का केक कटेगा और 56 भोग लगेगा. इस बार उत्सव का मुख्य आकर्षण भगवान को पालने में झुलाने का दृश्य होगा. भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के अवसर पर मन्दिर में पहली बार झांकी एवं मेले का आयोजन किया जा रहा है. 3 से 8 सितंबर तक चलने वाले इस आयोजन में कोलकाता की डिजिटल मूविंग झांकी आकर्षण का केंद्र रहेगी.