-बनारस से सटे नक्सल प्रभावित जिलों में अक्सर सुनाई देती है नक्सलियों की पदचाप

-चौबेपुर में आईईडी ब्लास्ट से खड़े हुए सुरक्षा एजेंसियों के कान

केंद्र सहित राज्य सरकार को चुनौती देने वाले नक्सलियों से पीएम नरेन्द्र मोदी की जान को खतरे की रिपोर्ट से तहलका मचा है. वहीं पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र में आईईडी ब्लास्ट से बाप-बेटे की मौत की वारदात ने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए.

पीएम के संसदीय क्षेत्र बनारस से सटे नक्सल प्रभावित जिले चंदौली, मिर्जापुर और सोनभद्र में आईईडी ब्लास्ट की घटनाएं आम रही हैं. 20 नवंबर 2004 में नक्सलियों ने नौगढ़ के हिनौत कांड को कुछ यूं ही अंजाम दिया था. नक्सलियों ने आईईडी ब्लास्ट में पीएसी के 14 जवान सहित पुलिस के एक जवान शहीद हुआ था. सोनभद्र, मिर्जापुर में खनन माफिया चोरी-छुपे पहाड़ तोड़ने में आईईडी ब्लास्ट का ही सहारा लेते हैं. चौबेपुर में हुई घटना के तार को नक्सलियों से भी जोड़कर देखा जा रहा है. पुलिस भले ही इससे इनकार करे.

जिला जेल में बंद है हार्डकोर

नक्सल प्रभावित जिले से सटे होने के कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस में नक्सलियों का मूवमेंट अक्सर रहता ही है. चाहे परिजनों के इलाज की बात हो या फिर बच्चों के उच्च शिक्षा को लेकर नक्सलियों का आना-जाना बनारस में होता है. शहर के नामचीन अस्पतालों में नक्सलियों ने इलाज भी कराए हैं. ऐसा पूर्व में खूफिया विभाग की रिपोर्ट में खुलासा भी हुआ है. हार्डकोर नक्सली लालव्रत कोल भी चौकाघाट के जिला जेल में बंद है.

निशाने पर रहे है मोदी

नरेंद्र मोदी नक्सलियों के निशाने पर हैं. इसकी पुष्टि पटना के गांधीनगर मैदान में हुए ब्लास्ट करते हैं. 27 अक्टूबर 2013 में चुनावी रैली को मोदी के संबोधित करने से पूर्व मंच के पास ब्लास्ट हुआ था. उस समय भी आईईडी ब्लास्ट ही हुआ था. इस मामले में नक्सल प्रभावित जिला मिर्जापुर से दो युवकों की गिरफ्तारी हुई थी. सात किग्रा बारूद के साथ संदिग्धों को पुलिस ने दबोचा था.

होना है प्रवासी सम्मेलन

आईईडी ब्लास्ट के बाद से सिक्योरिटी एजेंसीज के कान खड़े हो गए हैं क्योंकि शहर का सबसे बड़ा आयोजन जनवरी में प्रवासी सम्मेलन होने जा रहा है. जिसकी मानिटरिंग खुद पीएम मोदी पल-पल कर रहे है. वहीं नक्सलियों से पीएम की जान को खतरे की रिपोर्ट ने बनारस पुलिस के माथे पर चिंता की लकीरें भी खींच दी है.