patna@inext.co.in

PATNA : लोकसभा चुनाव को लेकर नक्सलियों का साइलेंट प्लान चल रहा है. वह अंदर ही अंदर बड़ी तैयारी में लगे हैं. हथियारों के साथ-साथ भारी मात्रा में कारतूस मंगाया जा रहा है. पूर्णिया से बरामद तीन एके 47 और कारतूस की डिलेवरी भी नक्सलियों को की जानी थी. पूर्व में भी कई बार इसका खुलासा हुआ है और प्रतिबंधित हथियार नक्सलियों के कब्जे से बरामद किए गए हैं. नक्सली गतिविधियों को देखते हुए बिहार पुलिस के साथ सुरक्षा की अन्य एजेंसियों ने अलर्ट किया है.

नोटबंदी से टूट गई थी कमर

नोटबंदी से नक्सलियों को बड़ा नुकसान हुआ था. प्रधानमंत्री के इस फैसले से अपराध में संलिप्त नक्सलियों की पूरी व्यवस्था चरमरा गई थी जिससे उनकी कमर टूट गई थी. नक्सली घटनाओं में भी कमी आ गई थी जिससे पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को काफी राहत मिली थी. लेकिन धीर धीरे वह फिर एक्टिव होने लगे हैं और अपराधिक गतिविधियां भी बढ़ गई हैं. अब पुलिस को फिर नक्सलियों की निगरानी के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है.

नक्सलियों को कौन कर रहा फंडिंग?

नक्सलियों के हथियार की डीलिंग के खुलासे के बाद अब बड़ा सवाल यह है कि उन्हें फंडिंग कौन कर रहा है. खुफिया तौर पर निगरानी की जा रही है लेकिन अभी कनेक्शन साफ नहीं हो सका है. पुलिस सूत्रों की मानें तो स्पेशल आपरेशन गु्रप के साथ सीआरपीएफ और अन्य सुरक्षा एजेंसियां नक्सलियों के मनसूबे पस्त करने में जुटी हैं. सूत्रों का कहना है कि जैसे जैसे लोकसभा चुनाव नजदीक आ रहा है वैसे वैसे नक्सलियों का हथियार कनेक्शन सामने आ रहा है.

लोकसभा चुनाव में पुलिस को चुनौती

लोकसभा चुनाव को लेकर नक्सलियों की जो तैयारी चल रही है वह पुलिस व अन्य सुरक्षा एजेंसियों की मुश्किल बढ़ाने वाली है. पुलिस अफसर भी इस बात को मानते हैं और इसे लेकर अब तैयारी भी शुरु हो गई है. पुलिस की तैयारी अगर अधूरी है तो चुनाव में चुनौती भारी पड़ेगी.

नक्सलियों की सक्रियता को देखते हुए ही चुनाव आयोग से मांग की गई है कि पुलिस कर्मियों को संसाधन के साथ साथ सुरक्षा की व्यवस्था की जाए.

मृत्युंजय सिंह, प्रदेश अध्यक्ष, बिहार पुलिस एसोसिएशन


पूर्णिया में बरामद प्रतिबंधित असलहे और गोलियों का जखीरा आरा में डिलेवर होना था. वहां से इसे नक्सलियों के हाथ भेजने का प्लान सामने आया है. इसे लेकर जांच पड़ताल की जा रही है. इस पूरे नेटवर्क को खंगाला जा रहा है.

-कुंदन कृष्णनन, एडीजी हेडक्वार्टर