क्यूआर कोड स्कैन करते ही उससे रिलेटेड वीडियो व कंटेंट लिंक स्टूडेंट्स को मिल जाएगा

स्टूडेंट्स कर सकेंगे स्मार्ट तरीके से पढ़ाई, नकली किताबों पर भी लगेगी रोक

MEERUT। नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग यानी एनसीईआरटी भी अब अपनी किताबों में क्विक रिस्पांस कोड यानी क्यूआर कोड लागू कर रहा है। इस कोड के जरिए जहां स्टूडेंट्स डिजिटलाइजेशन की ओर बढ़ेंगे वहीं उनकी पढ़ाई का तरीका भी स्मार्ट हो जाएगा।

ऑनलाइन पढ़ सकेंगे

किताबों में क्यूआर कोड होने से स्टूडेंट्स ऑनलाइन पढ़ाई कर सकेंगे। इसके तहत इन किताबों को मोबाइल या कंप्यूटर पर स्कैन किया जा सकेगा। जिसके बाद उस कोड से जुड़े लेसन या लेक्चर को स्टूडेंट्स सुन भी सकेंगे। क्यूआर कोड स्कैन करते ही यू-ट्यूब पर दिए गए वीडियो व कंटेंट से संबंधित वेबसाइट का लिंक स्टूडेंट्स को मिल जाएगा। इससे स्टूडेंट्स किताब में दी गई जानकारी का तो लाभ उठा ही सकेंगे साथ ही उस टॉपिक से संबंधित एडीशनल जानकारी भी हासिल कर सकेंगे।

नकली किताबों पर रोक

एनसीईआरटी यानि स्टेट काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग की ओर से किताबों में क्यूआर कोड का इनिशिएटिव लिया गया है। इसके तहत नकली किताबों पर भी रोक लग सकेगी। कारण, क्यूआर कोड की व्यवस्था सिर्फ ऑरिजनल किताबों में ही होगी। ऐसे में अगर स्टूडेंट्स को बिना कोड की किताब मिलती है तो उसे तत्काल पता चल जाएगा कि ये नकली किताब है।

क्यूआर कोड की पहल काफी अच्छी है। बुक में लिमिटेड जानकारी होती है लेकिन क्यूआर कोड से स्टूडेंट्स नेट पर दी तमाम जानकारी जुटा सकता है।

चंद्रलेखा जैन, प्रिंसिपल, सेंट जोंस स्कूल

स्टूडेंट्स के लिए यह पहल काफी अच्छी है। डिजिटल युग है ऐसे में इस तरह की कवायद स्टूडेंट्स को अपडेट रखेगी।

निधि मलिक, प्रिंसिपल, सेंट जेवियर्स व‌र्ल्ड स्कूल