मेडिकल की तैयारी करने वाले स्टूडेंट्स की अपनी अलग-अलग राय

कोई बता रहा अच्छा कदम, तो किसी को दिख रही कई दिक्कतें

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ALLAHABAD: मेडिकल कालेज में दाखिले के लिए सीबीएसई की ओर से आयोजित होने वाले नीट यानी नेशनल एलिजबिलिटी कम इंट्रेंस टेस्ट को साल में दो बार आयोजित करने की तैयारी की जा रही है. ऐसे में पहली बार नीट को फेस करने वाले स्टूडेंट्स में इसे लेकर अलग अलग राय है. कई बार स्टूडेंट्स इसे बेहतर मान रहे हैं तो इसमें कमियां बताने वाले स्टूडेंट्स भी काफी हैं. स्टूडेंट्स अपनी तरह से इसमें बदलाव की उम्मीद भी कर रहे हैं.

कोर्स पूरा करने में रहेगा प्रेशर

12वीं की बोर्ड परीक्षा देने जा रहे स्टूडेंट्स का कहना है कि साल में दो बार नीट होगा तो स्टूडेंट्स पर एक साथ डबल प्रेशर पड़ने वाला है. बोर्ड परीक्षा की तैयारी करें या नीट की. फरवरी में यदि नीट होती है तो स्टूडेंट्स को 12वीं बोर्ड परीक्षा के पहले नीट देनी होगी. ऐसे में वे तैयारी के प्रेशर में रहेंगे.

कोचिंग पर कोर्स पूरा कराने का दबाव

फरवरी और मई में नीट के आयोजन की व्यवस्था लागू होने के बाद कोचिंग संस्थान भी कोर्स को पूरा कराने पर ही अधिक फोकस करेंगे. जो कोर्स कोचिंग साल भर में तैयार कराते थे, वह सिर्फ पांच या छह महीने में पूरा कराने में जुट जाएंगे. इससे स्टूडेंट्स को तैयारी में दिक्कत होगी. दो बार चांस मिलने से भले ही स्टूडेंट्स को अधिक मौके मिलेंगे, लेकिन इसका फायदा पहले से 12वीं पास कर चुके स्टूडेंट्स को अधिक होगा.

साल में नीट के दो चांस होने से स्टूडेंट्स को जहां कई तरह से फायदा होगा, वहीं कई तरह की समस्याएं भी फेस करनी पड़ेंगी. खासतौर पर 12वीं के स्टूडेंट्स के लिहाज से मेरा तो यही मानना है.

गरिमा सिंह

बच्चे वैसे ही फ्रस्टेट हो जाते हैं. ऐसा करने से उन्हें अधिक चांस मिलेगा. नीट के लिए 25 साल की एज तक ही मौका मिलता है. इस प्रपोजल से अधिक चांस मिलेगा.

मो. दानिस जमील

12वीं के स्टूडेंट्स के लिए थोड़ी मुसीबत होगी. बोर्ड एग्जाम के पहले नीट की परीक्षा और फिर बोर्ड परीक्षा. ऐसे में तैयारी करने को लेकर कई तरह की दिक्कत होगी.

मुबश्रा

अभी जो जानकारी है, उसके हिसाब से फरवरी और फिर मई में नीट होगा. ऐसे में बोर्ड और नीट दोनों के कोर्स को पूरा करने में बेहद दिक्कत होगी. इसके टाइम में थोड़ा चेंज होना चाहिए.

बिनी

पहले से जो 12वीं पास कर चुके हैं और सिर्फ मेडिकल की तैयारी में जुटे हैं. उनको इससे फायदा होगा. हम 12वीं के स्टूडेंट्स को अधिक दिक्कत होगी.

धर्मेन्द्र कुमार

समय से कोर्स पूरा करने का प्रेसर स्टूडेंट्स पर अधिक बढ़ जाएगा. ऐसा भी हो सकता है कि दोनों की तैयारी के चक्कर में स्टूडेंट्स ना इधर के रहें और ना ही उधर के.

आर्यन शर्मा