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RANCHI : खूंटी पुलिस ने पहले बच्ची के बीमार होने की सूचना उसके परिजनों को दी. जब पिता प्यारन टूटी मुरहू से खूंटी आए तो उनकी गोद में मृत बच्ची को थमा दिया. बुधवार को खूंटी थाना में दिए आवेदन में उन्होंने कहा है कि 19 अगस्त को दो व्यक्ति ऑटो से उनके घर आए थे. उन्होंने कहा कि उनकी बेटी पाली टूटी बीमार है. आनन-फानन में उपायुक्त कार्यालय पहुंचा तो वहां दो लोग मृत बच्चे को लेकर आए और सौंपकर चल दिए.

पिता ने क्या कहा
प्यारन टूटी ने कहा कि उनकी बच्ची का जन्म इस साल 29 जनवरी को गांव में ही हुआ था, जबकि पत्नी मरियम टूटी का इस साल सात मई को देहांत हो गया था. ऐसे में गांव के लोगों के कहने पर बच्ची को शिशु भवन में पालन-पोषण के लिए सौंप दिया था. छह जुलाई को सारे बच्चे को निर्मला शिशु भवन से ले गया जिसमें पाली टूटी भी थी. सात जुलाई से 12 जुलाई तक कई बार सीडब्ल्यूसी कार्यालय गया, लेकिन उनलोगों ने बेटी को घर ले जाने नहीं दिया.

सीडब्ल्यूसी है बच्ची की हत्या का जिम्मेदार
प्यारन टूटी ने कहा कि मेरी बेटी का लालन पालन रांची सीडब्ल्यूसी, खूंटी सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष के अधीन हो रहा था. ऐसे में मेरी बेटी की मौत का जिम्मेवार मानता हूं और इन पर हत्या का मुकदमा दर्ज करना चाहता हूं. उधर, जब बच्ची के परिजन प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए खूंटी थना गए तो उनलोगों को पुलिस की ओर से कोई मदद नहीं मिली. पुलिस ने कहा कि आप स्टेटमेंट दें, तब ही कुछ हो पाएगा.