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ALLAHABAD: भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के काफिले के आगे कूदने और काला झंडा दिखाने वालों को सोमवार को जमानत मिल गई. हालांकि कोर्ट से जमानत के बाद पता चला कि आरोपियों में एक नेहा यादव के खिलाफ डकैती और बलवा जैसे मामलों में रिपोर्ट दर्ज है. हालांकि विवेचना कर रही धूमनगंज थाने की पुलिस की ओर से आपराधिक इतिहास का कोई जिक्र नहीं किया गया है. इसका लाभ आरोपियों को मिल गया.

आपराधिक इतिहास नहीं होने का दावा
आरोपियों किशन कुमार, रमा यादव, और नेहा की जमानत अर्जी पर जिला न्यायालय में सुनवाई के बाद बीस-बीस हजार रुपए की दो जमानतें व इतनी ही धनराशि का मुचलका देने पर जेल से रिहा करने का आदेश दिया गया. आदेश प्रभारी/एसीजेएम 8 एचपी गुप्ता ने दिया. जमानत अर्जी पर अभियोजन की ओर से तर्क प्रस्तुत करते हुए कहा गया कि प्रकरण गंभीर प्रकृति का है. जमानत अर्जी नामंजूर की जाए. बचाव पक्ष की ओर से कहा गया कि आरोपित निर्दोष हैं, कोई अपराधिक इतिहास नहीं है.

पैरोकार को मिली फटकार
जिला न्यायालय में धूमनगंज थाना से संबंधित कोर्ट पैरोकार को एक अधिकारी ने उस समय फटकार लगाई, जब किशन कुमार, नेहा और रमा यादव को जमानत पर रिहा करने का आदेश सुना दिया गया.

पुलिस ने हल्के में लिया मामला
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की फ्लीट के आगे काला झंडा लेकर कूदने वाले तीनों आरोपियों को धूमनगंज थाने की पुलिस ने गिरफ्तार किया था. विवेचना थाना धूमनगंज के एसआई को सौंप दी गई, लेकिन उसने आरोपियों का अपराधिक इतिहास नहीं खंगाला. कोर्ट पैरोकार को फटकार के दौरान पता चला कि नेहा यादव का अपराधिक इतिहास है. उस पर डकैती के मामले में वाराणसी के लंका थाना में मुकदमा दर्ज है. इसी थाने में बलवा का मामला भी दर्ज है. एक मुकदमा इटावा में तथा इलाहाबाद के कैंट थाना में भी दर्ज है. इसकी विवेचना कैंट पुलिस कर रही है. मामला उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या की ओर से दर्ज कराया गया है. इसमें उनके घर की नेमप्लेट क्षतिग्रस्त करने का आरोप है.

भाजपा नेता ने किया खुलासा
नैनी जेल में बंद नेहा यादव के अपराधिक इतिहास का पर्दाफाश भाजपा के राणा यशवंत सिंह ने किया. उन्होंने अपराधिक इतिहास का ब्योरा एसएसपी को दिया. एसएसपी ने धूमनगंज इंस्पेक्टर को बताया. जिलाधिकारी को भी मामले की जानकारी दी गई. लेकिन समय से पुलिस के सक्रिय नहीं होने के कारण कोर्ट के समक्ष अभियोजन की ओर से आपराधिक इतिहास पेश नहीं किया जा सका. ऐसे में कोर्ट ने जमानत अर्जी मंजूर कर ली.